पंजाब कांग्रेस ने बढ़ती चीनी की कीमतों के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन
Aug26,2026
| Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh
·
· मोदी के शासन में आम आदमी के लिए जीवनयापन मुश्किल हुआ: वड़िंग
· पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘महंगी’ चीनी के बिना चाय परोसी
चंडीगढ़, 26 अगस्त: देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आज सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और इसके लिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना चीनी की चाय परोसकर सांकेतिक संदेश दिया कि चीनी अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है।
इस अवसर पर बोलते हुए वड़िंग ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के कारण जरूरी खाने वाली वस्तुओं की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई अब हर घर की रसोई को प्रभावित कर रही है और आम उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में खुदरा और थोक चीनी की कीमतें लगभग 40 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि कुछ राज्यों में यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि आठ राज्यों में चीनी की कीमत 65 रुपये प्रति किलो से अधिक हो गई है।
PCC अध्यक्ष ने इस स्थिति के लिए चीनी के निर्यात और एथेनॉल उत्पादन से जुड़ी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत 48 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि गुड़ की कीमत भी 50 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो हो गई है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “पहले निर्यात, फिर एथेनॉल के लिए डायवर्जन और अब महंगाई नियंत्रित करने के लिए आयात - आखिर यह कैसी नीति है?”
वड़िंग ने सवाल किया कि यदि सरकार की आर्थिक और कृषि नीतियां सफल हैं, तो आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार को बार-बार हस्तक्षेप क्यों करना पड़ रहा है।
उन्होंने बढ़ती खाद्य कीमतों को सरकार की E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति से भी जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इस नीति का असर घरेलू बजट के साथ-साथ परिवहन लागत पर भी पड़ रहा है।
PCC अध्यक्ष ने यह भी सवाल किया कि यदि सरकार के दावों के अनुसार एथेनॉल ब्लेंडिंग से बचत हो रही है, तो पेट्रोल की कीमतों में कमी क्यों नहीं आई।
उन्होंने याद दिलाया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2018 में दावा किया था कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में महत्वपूर्ण राहत मिल सकती है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं को पेट्रोल के लिए ऊंची कीमतें चुकानी पड़ रही हैं।
उन्होंने सवाल किया कि जब एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति से कथित तौर पर बचत हो रही है, तो आटा, दालें, खाद्य तेल, चीनी, गुड़, प्याज और अन्य जरूरी वस्तुएं महंगी क्यों हो रही हैं, जबकि पेट्रोल की कीमतों में कमी नहीं आई है।
प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित AICC सचिव रविंदर दलवी, पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, हरदयाल कंबोज, कुलजीत सिंह नागरा, गुरशरण रंधावा, नरेश दुग्गल, अश्वनी शर्मा, अजय मंगूपुर, सुरिंदर सिंह, जगदेव गागा, कमल किशोर, निशात अख्तर, बलजीत कौर और गुरप्रीत लकी पखो सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
-punjabcongress-rajawarring-sugarpricehike-inflation-punjabpolitics-congressprotest-modigovernment