जल निकासी के लिए भूमिगत नहरें बनाने का दे रहे सुझाव
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 26अगस्त। लाइलाज हुई गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को लेकर बुधवार को यहां गुरुग्राम से सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की।जलभराव को लेकर बवाल बढ़ता देख राव इंद्रजीत सिंह बुधवार सुबह अचानक चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सैनी के आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राव इंद्रजीत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन जगहों से नाले बने थे, वहां अवैध कॉलोनियां काट दी गईं। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में हर साल जलभराव होता है। इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। जहां काम नहीं हुआ है, वहां अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा रहा है।राव इंद्रजीत ने यह भी कहा कि जल भराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए भूमिगत नहरें बनानी होंगी और इसके लिए आई आई टी विशेषज्ञों की राय लेनी होगी।
उल्लेखनीय है कि 24 अगस्त को गुरुग्राम में लगातार 9 घंटे बारिश हुई थी। इसकी वजह से शहर के सुभाष चौक, राजीव चौक, इफको चौक समेत अन्य जगहों पर कई फीट पानी भर गया था। कार और स्कूल बसें डूबने की भी तस्वीरें आईं। वहीं 25 अगस्त को इफको चौक के पास सड़क करीब 15 फीट तक धंस गई थी। राव इंद्रजीत ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी से गुरुग्राम में हर साल होने वाले जलभराव की समस्या को लेकर चर्चा हुई। केवल अस्थायी इंतजामों से इसका समाधान नहीं होगा। इसके लिए तकनीकी आधार पर स्थायी योजना बनानी होगी। पिछले 20 साल में जलभराव की समस्या लगातार बढ़ी है। पहाड़ों और नालों से आने वाला पानी पहले ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचता था, लेकिन कई जगह इसके रास्ते में कॉलोनियां काट दी गईं। सड़कों का निर्माण होने के साथ बिल्डरों ने भी कई जगह अवैध कब्जे कर लिए।
राव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इन निर्माणों को आसानी से हटाना संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि जहां पानी के प्राकृतिक रास्ते बाधित हो गए हैं, वहां मेट्रो की तर्ज पर भूमिगत जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाए। जहां नाले रुक रहे हैं, वहां नीचे से पानी निकालने का रास्ता बनाया जा सकता है। इससे गुरुग्राम में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है। राव इंद्रजीत ने कहा कि पानी को एक जगह रोकने से समस्या खत्म नहीं होगी। एक जगह पानी रोकने पर वह दूसरी जगह से निकल जाएगा। इसलिए तकनीकी विशेषज्ञों, खासकर आई आई टी के विशेषज्ञों से सलाह लेकर ठोस रोडमैप तैयार करना होगा। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। जिन कामों में देरी हुई है, उनके लिए अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।पिछले 24 अगस्त को सुभाष चौक के पास स्कूल बसें जलभराव में फंस गई थीं। कई घंटे बच्चे बस में ही फंसे रहे। एक दिन पहले 25 अगस्त को राव इंद्रजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुए इस विकास के परिणाम हम आज भी भुगत रहे हैं। इसे ठीक करने का अब एकमात्र तरीका यह है कि पानी को उन मूल रास्तों से निकालने के लिए पुराने नालों के रास्तों पर मेट्रो की तर्ज पर भूमिगत नगर का निर्माण किया जाए। अभी हम जो कर रहे हैं वह केवल एक अस्थायी समाधान है।गुरुग्राम को जलभराव के कारण ट्रोल किया जा रहा है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से गुरुग्राम पर एक गाना बनाया गया है। जिसके बोल हैं, गुड़गांव तू तो डूब गया है, ओला-उबर भी रूठ गया है,""सड़कें बनी हैं दरिया सारी, ये है मिलेनियम सिटी हमारी।