चंडीगढ़, 25 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बने तालाबों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के साथ-साथ इनके रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी तालाब में गंदा पानी सीधे न जाए, इसके लिए पानी को वैज्ञानिक तरीके से उपचारित करने के बाद ही तालाब में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा पॉन्ड एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ इनके आसपास ग्रामीणों के लिए बेहतर सुविधाएं भी विकसित की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गांवों में नई योगशालाएं बनाना प्रस्तावित हैं, वहां तालाबों के आसपास शेड इत्यादि लगाकर योगशालाएं बनाई जाएं और ओपन जिम की व्यवस्था की जाए। इससे ग्रामीण इन स्थानों पर नियमित रूप से आएंगे और तालाबों की देखभाल में भी रुचि लेंगे।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कुल 20,100 तालाब हैं, जिनमें 19,219 ग्रामीण और 881 शहरी क्षेत्रों में हैं। इनमें से जो तालाब प्रदूषित एवं उफनते हैं, उनपर खासा फोकस किया जा रहा है। गांवों के ग्रे और ब्लैक वाटर को उपचारित करने पर भी रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए तालाब से बाहर वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथवा एसटीपी की व्यवस्था की जा सकती है। गांव या पंचायत की जमीन का उपयोग इसके लिए किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एसटीपी की व्यवस्था के लिए भी कार्य किया जाए तथा तालाब में पानी पहुंचने से पहले आवश्यक प्री-ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मैकेनिकल एरेशन और नैनोबबल टेक्नोलॉजी जैसी तकनीकों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन तकनीकों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस्तेमाल किया जाए और परिणाम कारगर पाए जाने पर इन्हें अन्य तालाबों में भी लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 320 तालाबों के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही 467 नए तालाबों को चिन्हित कर वहां भी कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने पूर्ण हो चुके तालाबों के रखरखाव के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने तालाबों पर लगे सोलर पंपों के आसपास ऊंचे स्तर पर पानी को छानने की व्यवस्था करने तथा सोलर पंपों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने 350 अमृत सरोवरों की स्थिति से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण किए गए तालाबों के बेहतर उपयोग और रखरखाव को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। गांवों के तालाबों में मत्स्य पालन के लिए भविष्य में किए जाने वाले आवंटन/नीलामी को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत करने तथा तालाबों के सार्वजनिक हित में बेहतर उपयोग पर ध्यान देने को कहा।
इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप की तर्ज पर तालाबों के लिए भी एक विशेष मैकेनिज्म विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से आमजन तालाब की खस्ता हालत अथवा सुधारीकरण से संबंधित शिकायत लोकेशन टैगिंग के साथ दर्ज कर सकेंगे। शिकायत संबंधित सरपंच और अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि उस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
तालाबों की मेंटेनेंस के लिए विकास एवं पंचायत विभाग के बजट का 5 प्रतिशत उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। साथ ही वीबीजीरामजी को भी इससे जोड़ते हुए कार्य करने के बारे विशेष निर्देश दिए। विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि हर गांव में तालाबों के रखरखाव के लिए समिति बनाई गई है, जिसमें सरपंच को अध्यक्ष तथा ग्राम सचिव सहित संबंधित प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।