-कहा, मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट प्रकाशन 13 अगस्त को; 12 सितंबर तक लिए जाएंगे दावे एवं आपत्तियां
-12 अक्टूबर 2026 को होगा मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन; किसी भी शिकायत या जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क करें मतदाता
पटियाला, 12 अगस्त विश्व दीपक शौरी
पटियाला के उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर करवाई जा रही मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एस आई आर) प्रक्रिया के दौरान पटियाला जिले में बीएलओ ने 3 अगस्त तक 13 लाख 81 हजार 414 एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर 90.88 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन यह 100 प्रतिशत सुनिश्चित कर रहा है कि पटियाला जिले का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
उपायुक्त ने बताया कि 8 जून 2026 तक पटियाला जिले में 15 लाख 20 हजार 38 मतदाता थे। इनमें से 9.12 प्रतिशत अर्थात 1 लाख 38 हजार 624 ऐसे मतदाता हैं, जो या तो बीएलओ द्वारा घरों के किए गए तीन दौरों के दौरान नहीं मिले, या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो गए हैं अथवा उनकी मृत्यु हो चुकी है और वे अपना एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा नहीं करवा सके।
आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि अब एस.आई.आर. के अगले चरण का कार्य पूरा किया जाएगा और 13 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा। इस दौरान जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होगा, वे 13 अगस्त से 12 सितंबर तक अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों की आयु 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूरी हो रही है, वे फॉर्म नंबर 6 भरकर नया वोट बनवा सकेंगे। इसके अलावा जिन मतदाताओं ने किसी कारणवश अपना फॉर्म जमा नहीं करवाया और वे ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर रह गए हैं, वे भी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दस्तावेजों की सूची में से कोई एक दस्तावेज संलग्न कर अपना फॉर्म जमा करवा सकेंगे। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 84,347 मतदाताओं ने फॉर्म तो भरे हैं, लेकिन उनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ मैपिंग नहीं हो पाई है। ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। वहीं 1 लाख 95 हजार 78 मतदाताओं के मामलों में किसी न किसी प्रकार की त्रुटि सामने आई है। उन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे और उन्हें 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक अपने जवाब संबंधित बीएलओ अथवा संबंधित एसडीएम-ईआरओ कार्यालयों में देने होंगे। इनके द्वारा जमा करवाए गए दस्तावेजों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के दावे या आपत्ति का निपटारा नहीं होता है तो वह जिला निर्वाचन अधिकारी या आगे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के समक्ष अपनी अपील भी दायर कर सकता है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं राजनीतिक दलों के साथ बैठक की है और जिले में मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन भी किया जा चुका है। अब 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों की संख्या में 75 की वृद्धि होने के साथ जिले में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 1786 से बढ़कर 1861 हो गई है। उन्होंने जिले के मतदाताओं से अपील की कि वे एस.आई.आर. के संबंध में कोई गलत सूचना या अफवाह न फैलाएं। यदि कोई शिकायत हो तो वे अपने बीएलओ, संबंधित एसडीएम कार्यालय अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के साथ-साथ 1950 नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पटियाला जिले का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा और यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी अपात्र या अनधिकृत व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट सूची में सामने आए आंकड़ों के अनुसार 7 लाख 18 हजार 688 पुरुष, 6 लाख 62 हजार 683 महिलाएं तथा 47 थर्ड जेंडर मतदाता हैं और कुल 13 लाख 38 हजार 418 मतदाता हैं। वहीं 8 जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार कुल 15 लाख 20 हजार 38 मतदाताओं में से अभी तक जमा न हुए एन्यूमरेशन फॉर्मों में 43,617 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, 25,148 मतदाता किसी कारण से नहीं मिल पाए, 61,156 मतदाता किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, 632 अन्य श्रेणी में हैं और 8,071 ने फॉर्म भर दिए हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अनुप्रिता जौहल और चुनाव तहसीलदार विजय कुमार चौधरी भी उपस्थित थे।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा प्रमाणित दस्तावेजों में किसी भी केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनर को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश; 01.07.1987 से पहले भारत में सरकारी/स्थानीय अधिकारियों/बैंकों/डाकघरों/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/दस्तावेज; सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र; पासपोर्ट; मान्यता प्राप्त बोर्डों/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र; सक्षम राज्य अधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र; वन अधिकार प्रमाण पत्र; ओबीसी, एससी, एसटी या सक्षम राज्य अधिकारी द्वारा जारी कोई अन्य जाति प्रमाण पत्र; नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (जहां भी यह मौजूद है); परिवार रजिस्टर; तथा राज्य/स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए रिकॉर्ड और सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र शामिल हैं।