पंजाब सरकार से Mixed Land Use क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों की अनुमति तत्काल बढ़ाने की मांग
: लुधियाना के Mixed Land Use (MLU) क्षेत्रों में दशकों से संचालित छोटे उद्योगों की अनुमति 10 सितंबर 2026 को समाप्त होने जा रही है। इसको लेकर World MSME Forum के अध्यक्ष एवं All Industries & Trade Forum के राष्ट्रीय अध्यक्ष बदीश जिंदल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि समय रहते अनुमति का विस्तार नहीं किया गया तो करीब 50 हजार छोटे औद्योगिक यूनिटों के सामने कानूनी अनिश्चितता पैदा हो सकती है और करीब 5 लाख श्रमिकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री को भेजे प्रतिनिधित्व में जिंदल ने कहा कि पंजाब सरकार के Local Government Department ने 6 अक्टूबर 2023 को Mixed Land Use क्षेत्रों में उद्योगों को 10 सितंबर 2026 तक संचालन की अनुमति दी थी। अब इसकी अवधि समाप्त होने के करीब है। उन्होंने कहा कि लुधियाना पंजाब का औद्योगिक केंद्र है और यहां साइकिल, ऑटो पार्ट्स, सिलाई मशीन, हैंड टूल्स, होजरी सहित सैकड़ों प्रकार की सहायक औद्योगिक इकाइयां Mixed Land Use क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि जंता नगर, शिमलापुरी, न्यू शिमलापुरी, गिल रोड, दशमेश नगर सहित कई औद्योगिक क्लस्टरों में हजारों इकाइयां दशकों से काम कर रही हैं। इन उद्योगों को अचानक स्थानांतरित करना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि सरकार के पास इतनी बड़ी संख्या में इकाइयों को बसाने के लिए पर्याप्त विकसित औद्योगिक भूमि, पुनर्वास पैकेज अथवा मशीनरी व बुनियादी ढांचे को स्थानांतरित करने के लिए वित्तीय सहायता की व्यवस्था नहीं है।
10 सितंबर के बाद बढ़ सकता है संकट
जिंदल ने कहा कि यदि अनुमति बिना विस्तार के समाप्त होती है तो लगभग 50,000 छोटे औद्योगिक यूनिट कानूनी अनिश्चितता में आ जाएंगे। इससे प्रत्यक्ष रूप से 5 लाख से अधिक श्रमिकों तथा अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 लाख लोगों, जिनमें उनके परिवार, ट्रांसपोर्टर, सप्लायर, व्यापारी और सेवा प्रदाता शामिल हैं, पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन प्रभावित होने के साथ-साथ निवेशकों के विश्वास को भी झटका लग सकता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब का लघु उद्योग पहले ही बढ़ती लागत, प्रतिस्पर्धा, कम होते मार्जिन और अनुपालन संबंधी दबावों के कारण कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में हजारों इकाइयों के सामने स्थानांतरण या बंद होने का संकट पैदा करना राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर नुकसान साबित हो सकता है।
सरकार के सामने रखी प्रमुख मांगें
बदीश जिंदल ने पंजाब सरकार से मांग की कि 10 सितंबर 2026 से आगे Mixed Land Use क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों की अनुमति तत्काल बढ़ाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) और अन्य प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की कि स्थायी नीति लागू होने तक मौजूदा उद्योगों के खिलाफ कोई जबरन कार्रवाई न की जाए।
उन्होंने Mixed Land Use क्षेत्रों के नियमितीकरण के लिए व्यापक नीति बनाने, जिन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधि पहले से प्रमुख है उनका वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर उन्हें औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने, नए औद्योगिक एस्टेट विकसित करने तथा जरूरत पड़ने पर उद्योगों के स्थानांतरण के लिए किफायती औद्योगिक प्लॉट और प्रोत्साहन उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।
उन्होंने उद्योग संगठनों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों वाली उच्च स्तरीय समिति गठित कर निश्चित समयसीमा में स्थायी समाधान निकालने की भी मांग की।
जिंदल ने कहा कि उद्योग जगत सरकार से कोई विशेष रियायत नहीं मांग रहा, बल्कि उन इकाइयों के भविष्य की सुरक्षा चाहता है जो दशकों से रोजगार पैदा कर रही हैं, टैक्स दे रही हैं और पंजाब की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मौजूदा अनुमति की अवधि समाप्त होने से पहले व्यावहारिक और उद्योग-अनुकूल स्थायी समाधान की घोषणा करने की अपील की।