बेअदबी कानून में हिंदू ग्रंथ शामिल न करने पर रोष, श्री हिंदू न्याय पीठ ने की एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल
Aug9,2026
| Balraj Khanna | Ludhiana
* दरेसी मैदान में संत-महापुरुष और हिंदू संगठनों ने सरकार से की कानून में संशोधन की मांग
पंजाब सरकार द्वारा लागू बेअदबी कानून में सनातन धर्म के धार्मिक ग्रंथों और देवी-देवताओं को शामिल न किए जाने के विरोध में रविवार को श्री हिंदू न्याय पीठ की तरफ से स्थानीय दरेसी मैदान में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की गई। भूख हड़ताल में संत समाज से महामण्डलेश्वर स्वामी रामेश्वर दास त्यागी जी, महामंडलेश्वर स्वामी शेरू दास जी, स्वामी आध्यात्मनंद जी, स्वामी योगा नंद जी, स्वामी हरीश जी, स्वामी मन सुख दास जी, स्वामी मोनू चावला जी, स्वामी सर्वानंद जी, स्वामी रामेश्वर लिंगा जी, महंत विमल बांसल जी, गुरुदेव आनंद अत्री जी, महंत दिनेश पुरी, सनातन धर्म प्रचारक अजय वशिष्ठ,शनि स्थान भामिया से महंत सुरेश जी,आचार्य मनसुख दास जी,शिव नंदी दास जी,पंडित राजन शर्मा,व बड़ी संख्या में संत-महापुरुष, प्रचारक और श्री दुर्गा माता मंदिर से संदीप गुप्ता,श्री राम लीला कमेटी से कमल बस्सी जी दिनेश मरवाहा,प्राचीन गौशाला से शाम लाल सपरा,शहीद सुखदेव थापर के वंशज अशोक थापर,शिवपुरी मंदिर कमेटी से लाल चंद खुराना, भावाधस से चौधरी यशपाल,आंबेडकर नौजवान सभा से राज कुमार हैप्पी,मा कालका रथ सेवक संघ से नरेश शर्मा,भारतीय जनता पार्टी से पार्षद विपन विनायक, उप प्रधान अंकित बतरा,लुधियान फुल लोड ट्रक एसोसिएशन से मनोज टिंकू, महाशिवरात्रि महोत्सव कमेटी से नीरज वर्मा,पंजाब स्कूटर मार्केट एसोसिएशन चेयरमैन दीपक अरोड़ा,श्री सिद्ध योगी बाबा बालकनाथ महाआरती सेवा परिवार से राजिन्द्र अवस्थी सहित हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में मांग की कि कानून में सभी धर्मों की धार्मिक आस्थाओं को बराबर का दर्जा दिया जाए। न्याय पीठ के मुख्य प्रवक्ता प्रवीण डंग ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी रोकने के लिए पंजाब सरकार द्वारा लाए गए कानून का वे स्वागत करते हैं। लेकिन इस कानून में गीता, रामायण, वेद, पुराण और अन्य हिंदू धार्मिक ग्रंथों के साथ-साथ देवी-देवताओं के स्वरूपों की बेअदबी को शामिल न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, सनातन धर्म के ग्रंथों और देवी-देवताओं का अपमान भी उतना ही गंभीर अपराध है जितना श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी। यदि कानून में सभी धर्मों को बराबर का दर्जा नहीं दिया गया तो यह समाज में असंतोष पैदा करेगा। प्रवीण डंग ने पंजाब सरकार से मांग की कि वह तुरंत कानून में संशोधन कर हिंदू धर्म की आस्थाओं को भी इसमें जोड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भूख हड़ताल किसी समुदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि कानून में समानता लाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा, कि इस सांकेतिक भूख हड़ताल के माध्यम से हम सरकार तक हिंदू समाज की आवाज पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। पंजाब में जरूरी है कि हर धर्म की भावनाओं का सम्मान हो और कानून सबके लिए बराबर हो। हिंदू न्याय पीठ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं की आंदोलन के पड़ाव को आगे बढ़ाते हुए डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएगे वही यदि उनकी धार्मिक भावनाओं पर फिर भी मुख्यमंत्री ध्यान नही देते तो जनता की तरफ से चुने सभी राजनितिक पार्टियों के विधायकों के घर के बाहर श्री हनुमान चालीसा का पाठ करके उन्हे लागू बेअदबी कानून में सनातन धर्म के धार्मिक ग्रंथों और देवी-देवताओं को शामिल न किए जाने का विरोध जताया जाएगा
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