राज्यसभा में हर राज्य को मिले समान प्रतिनिधित्व: मनप्रीत सिंह इयाली
Aug10,2026
| Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh
विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर संवैधानिक संशोधन की मांग
छोटे राज्यों के हितों की रक्षा के लिए समान प्रतिनिधित्व जरूरी
अमेरिका, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर हो प्रतिनिधित्व
चंडीगढ़, 10 अगस्त: अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के वरिष्ठ नेता और मुल्लांपुर दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह इयाली ने राज्यसभा में सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व देने के लिए संवैधानिक संशोधन लाने की मांग की है। पंजाब विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए इयाली ने कहा कि जनसंख्या के आधार पर लोकसभा की सीटों का परिसीमन होने से अधिक आबादी वाले राज्यों का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, लेकिन इसके साथ ही छोटे राज्यों के हितों की रक्षा के लिए राज्यसभा में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।
इयाली ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन और संवैधानिक संशोधन के तहत लोकसभा की सीटों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। पंजाब की मौजूदा 117 विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने और लोकसभा सीटों में भी वृद्धि की संभावना के मद्देनजर उन्होंने कहा कि केवल जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व बढ़ाने से छोटे राज्यों की राजनीतिक आवाज और कमजोर हो सकती है।
मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि भारत के संघीय ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यसभा में हर राज्य को समान प्रतिनिधित्व देने पर विचार किया जाना चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका, स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश इसके प्रमुख उदाहरण हैं, जहां राज्यों को उच्च सदन में समान प्रतिनिधित्व दिया जाता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कैलिफोर्निया राज्य की आबादी करीब 3.9 करोड़ है, जबकि व्योमिंग की आबादी केवल करीब 6 लाख है, लेकिन दोनों राज्यों को अमेरिकी सीनेट में समान प्रतिनिधित्व मिलता है। इसी तरह स्विट्जरलैंड के उच्च सदन, जिसे काउंसिल ऑफ स्टेट्स कहा जाता है, में भी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व दिया जाता है। इयाली ने कहा कि इसी तरह ऑस्ट्रेलिया के उच्च सदन में सभी राज्यों को, चाहे कोई बड़ा राज्य हो या छोटा, प्रत्येक राज्य से 12 सदस्य लिए जाते हैं, जबकि केंद्र शासित क्षेत्रों से दो-दो सदस्य लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि समानता का यह फार्मूला इसलिए रखा है ताकि अधिक आबादी वाले राज्यों का कम आबादी वाले राज्यों पर दबदबा या वर्चस्व न हो।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्यसभा में पंजाब की केवल सात सीटें हैं, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के पास 31 सीटें हैं। यदि भविष्य में लोकसभा का परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होता है तो बड़े राज्यों का प्रतिनिधित्व और बढ़ेगा और छोटे राज्यों की आवाज अनुपातिक रूप से कमजोर होने की आशंका है।
इयाली ने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ हमेशा से राज्यों के अधिक अधिकारों और मजबूत संघीय ढांचे की वकालत करता आया है। उन्होंने कहा कि यदि राज्यसभा में सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व समान होगा, तभी छोटे राज्य अपने अधिकारों और मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकेंगे।
उन्होंने पंजाब विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की कि इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर संसद में संवैधानिक संशोधन लाने की मांग की जाए। इसके तहत प्रत्येक राज्य को उसकी आबादी से अलग एक समान इकाई के रूप में राज्यसभा में समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम छोटे राज्यों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
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