कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता देने के विरोध में: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हर घर के लिए मुफ्त बिजली और किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति जारी रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सरकारी नौकरियों की भर्ती में 'नो कैश, नो फरमाइश' की नीति जारी रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सरकारी स्कूलों का नुहार बदलने से पंजाब राज्य केरल को पछाड़कर अव्वल बना: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सरकारी सुविधाएं मिलने से पंजाब के गांवों से निकले ओलंपियन तगमे जीतने लगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार ने पंजाब के लोगों से किए वादों से अधिक काम किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के पास पंजाब के लिए न कोई मुद्दा है और न ही कोई विजन: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरदूलगढ़ हलके में 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान लोगों को किया संबोधित
सरदूलगढ़, 5 अक्टूबर:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार अपनी लोक-पक्षी नीतियों को निरंतर जारी रखेगी, जिनमें महिलाओं के लिए 'मांवां-धियां सतिकार योजना', घरों के लिए मुफ्त बिजली, किसानों को दिन के समय बिजली आपूर्ति और "नो कैश, नो फरमाइश" की पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से सरकारी नौकरियां देना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां इन लोक कल्याण कार्यों का विरोध कर रही हैं और उनके पास पंजाब के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं है।
सरदूलगढ़ हलके में 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किए वादों से अधिक काम करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि हमने सरकारी स्कूलों की नुहार को बदला है, जनता की सुविधाओं का विस्तार किया है और ऐसा माहौल बनाया है, जिससे पंजाब के गांवों से उभरे खिलाड़ी ओलंपिक तगमे जीतकर ला रहे हैं।
लोक मिलनी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने सरकार के कामकाज में बुनियादी तबदीली देखी है, जहां लोगों का पैसा भलाई, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, बिजली, सिंचाई और रोजगार के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा, "जब भी महिलाओं के बैंक खातों में वित्तीय सहायता पहुंचती है तो उनके चेहरों पर झलकती खुशी इस लोक-पक्षी शासन के प्रभाव की गवाही भरती है। हमारी सरकार पंजाब की मां-बहनों के मोबाइल फोन पर आने वाले टू-टू के संदेश कभी बंद नहीं होने देगी।" उन्होंने कहा कि जब तक हमारी सरकार लोगों की सेवा में है, महिलाओं के लिए यह वित्तीय सहायता उनके बैंक खातों में निरंतर पहुंचती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मुख्यमंत्री मांवां-धियां सतिकार योजना' योग्य लाभपात्री महिलाओं को सीधे उनके खातों में वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार की गई है और राज्य सरकार ने हाल ही में 36.87 लाख महिलाओं को तीन महीनों की 1,262.54 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त ट्रांसफर की है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार का उद्देश्य सिर्फ ऐलान करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भलाई योजनाएं वास्तव में लोगों तक पहुंचें।" उन्होंने कहा कि शासन का असल उद्देश्य तब पूरा होता है, जब गांव में बैठी किसी महिला के फोन पर संदेश आता है कि उसके खाते में पैसे जमा हो गए हैं।
उन्होंने कहा, "ऐसा संदेश उसे भरोसा दिलाता है कि सरकार उसके साथ खड़ी है और उनकी भलाई के लिए किए जाने वाले इस नेक कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।"
कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये पार्टियां महिलाओं को दी जा रही मासिक वित्तीय सहायता का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा, "दशकों तक पंजाब पर राज करने वालों को बताना चाहिए कि उन्होंने आम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए क्या किया। आज जब महिलाओं को सीधी उनके खातों में वित्तीय सहायता मिल रही है तो ये पार्टियां इस स्कीम पर सवाल उठा रही हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने अपना रुख बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब की मां और बेटियों की भलाई के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।"
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी स्कीमों के लाभ कुछ प्रभावशाली वर्गों तक सीमित रखने की बजाय महिलाओं, किसानों, नौजवानों और विद्यार्थियों को अपने प्रशासनिक मॉडल के केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा, "सरकार की जिम्मेवारी लोगों से टैक्स इकट्ठा करना और उस पैसे की लोक भलाई और विकास के लिए पारदर्शी ढंग से प्रयोग करना है।"
उन्होंने कहा कि 'आप' सरकार ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि सरकारी खजाना विकास कार्यों, लोक भलाई और जरूरी सेवाओं की ओर ही मोड़ा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "योग्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति महीना 300 यूनिट मुफ्त बिजली जारी रहेगी। सरकार ने इस स्कीम के माध्यम से पंजाब के घर-परिवारों को बड़ी राहत दी है।" उन्होंने कहा कि इससे पहले बिजली के बिल आम परिवारों पर बड़ा बोझ थे, लेकिन आज योग्य परिवारों को जीरो बिलों के रूप में राहत मिल रही है। उन्होंने कहा, "लोगों की बातें करने वाली सरकार और लोगों के लिए असल में काम करने वाली सरकार के बीच यही फर्क होता है।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खेतीबाड़ी के लिए किसानों को दिन के समय बिजली मिलती रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की खेती अर्थव्यवस्था के लिए भरोसेमंद बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "खेतीबाड़ी के लिए किसानों को दिन के समय बिजली मिलती रहेगी क्योंकि भरोसेमंद बिजली आपूर्ति पंजाब के खेती अर्थचारे के लिए बहुत अहम है।"
पंजाब के अपने खुद के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों को उजागर करते हुए उन्होंने इस दिशा में सरकार के यत्नों के रूप में गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट की खरीद का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "राज्य के किसान उस वक्त बिजली के हकदार हैं जब उन्हें इसकी जरूरत होती है, न कि तब जब दफ्तर में बैठा कोई व्यक्ति उन्हें बिजली देने का फैसला करे। इसलिए खेतीबाड़ी के लिए दिन के समय बिजली जारी रहेगी।"
रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि रोजगार के मौके पैदा करना उनकी सरकार की मुख्य तरजीहों में से एक रहा है और साथ ही कहा कि हमने भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार किए हैं, जिससे नौजवानों के लिए बिना किसी पैसे या सिफारिश के योग्यता के आधार पर नौकरी के रास्ते खुले हैं।
उन्होंने कहा, "राज्य के नौजवानों को सरकारी नौकरियां हासिल करने के लिए पैसे देने या सिफारिशों की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। उनकी योग्यता, समर्थता और मेरिट ही काफी है। बिना रिश्वत और सिफारिश के सरकारी नौकरियां देने का सिलसिला इसी तरह जारी रहेगा।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल करने और ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया है, जिसमें सामान्य परिवार का विद्यार्थी केवल अपनी योग्यता और मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने का सपना देख सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक गरीब परिवार के लिए बेटी या बेटे का नियुक्ति पत्र केवल कागज का टुकड़ा नहीं होता, बल्कि यह पूरे परिवार का भविष्य बदलने का माध्यम होता है।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों में लाया गया बदलाव उनकी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विचार से बिल्कुल सहमत नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दूसरे दर्जे की सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमने बुनियादी ढांचे, स्मार्ट कक्षाओं, शिक्षकों के प्रशिक्षण और सीखने के बेहतर माहौल पर निवेश किया। परिणाम यह है कि स्कूली शिक्षा के मूल्यांकन में पंजाब निचले स्तर से उठकर अग्रणी स्थान पर पहुंच गया है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार के शिक्षा सुधारों ने सामान्य परिवारों के विद्यार्थियों की उम्मीदों और सपनों को उड़ान दी है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले गरीब परिवारों के बच्चों को अक्सर परिस्थितियों से समझौता करने के लिए कहा जाता था, लेकिन अब वे डॉक्टर, इंजीनियर, सिविल अधिकारी या ओलंपियन बनने के सपने देख रहे हैं। यही पंजाब का वास्तविक बदलाव है।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अवसर उपलब्ध कराने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सामान्य परिवारों के बच्चों को अपनी क्षमता और कड़ी मेहनत के बल पर प्रतियोगिता करने तथा आगे बढ़ने का अवसर मिले।’’
उन्होंने कहा कि ग्रामीण पंजाब से खिलाड़ियों का उभरना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राज्य में प्रतिभा की कभी कोई कमी नहीं रही। वास्तव में जिस चीज की कमी थी, वह बुनियादी ढांचा और अवसर थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘पंजाब के गांवों में हमेशा ही प्रतिभा रही है और हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस प्रतिभा को खेल मैदान, कोच, उपकरण और अवसर उपलब्ध करवाएं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब गांवों तक सुविधाएं पहुंचनी शुरू हुईं तो वहां के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने लगे और देश के लिए पदक जीतने लगे। खेलों को केवल मनोरंजन के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखा जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खेल का मैदान किसी युवा को गलत रास्ते पर जाने से बचा सकता है और एक अच्छा कोच बच्चे का जीवन बदल सकता है। किसी पंजाबी युवा द्वारा जीता गया पदक केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात होती है।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने किए गए वादों से अधिक काम करके दिखाया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार लोगों के पास वादे लेकर आई थी, लेकिन हम केवल वादों तक सीमित नहीं रहे। हमने मुफ्त बिजली, बेहतर सरकारी स्कूल, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार, नहरी पानी, बुनियादी ढांचा और महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान की हैं। ये सभी प्रयास एक बड़े बदलाव का हिस्सा हैं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘लोक मिलनी’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशासन को सीधे लोगों तक पहुंचाकर शासन व्यवस्था को अधिक सुलभ बनाने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘मैं यहां केवल मंच पर बैठने या पहले से तैयार भाषण सुनने के लिए नहीं आया हूं, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की बात सुनने आया हूं। उनकी समस्याएं, सुझाव और उनकी उम्मीदें ही सरकार का वास्तविक एजेंडा हैं।’’
भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर तीखा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये पार्टियां पंजाब के लिए कोई रचनात्मक या अनूठा रोडमैप पेश करने के बजाय सरकार की आलोचना करने पर अधिक ध्यान दे रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब के लोग यह जानना चाहते हैं कि पंजाब के लिए उनका क्या लक्ष्य है? वे महिलाओं के लिए क्या करेंगे? किसानों के लिए क्या करेंगे? युवाओं के लिए क्या करेंगे? सरकारी स्कूलों के लिए क्या करेंगे? स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए क्या करेंगे?’’
उन्होंने कहा, ‘‘इन सवालों के जवाब देने के बजाय वे केवल किए जा रहे कार्यों का विरोध करते हैं।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने सत्ता में कई दशक बिताए हैं, लेकिन वे जनसेवा का कोई बेहतर मॉडल पेश करने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक दलों को एक-दूसरे का विरोध करने के बजाय ठोस कार्यक्रमों के साथ लोगों के सामने आना चाहिए। पंजाब को नारों की राजनीति की नहीं, बल्कि प्रदर्शन और परिणाम देने वाली राजनीति की जरूरत है। लोग इतने समझदार हैं कि वे देख सकते हैं कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल बातें कर रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब के लोगों को हर राजनीतिक पार्टी से जवाबदेही मांगने का अधिकार है और पंजाब के विकास का अगला चरण शुरू हो चुका है।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के हर क्षेत्र को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने के लिए काम करती रहेगी कि विकास गांवों के साथ-साथ शहरों तक भी पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा पंजाब बनाना है, जहां महिला के पास आर्थिक सम्मान हो, किसान के पास भरोसेमंद बिजली और सिंचाई की सुविधा हो, युवा को योग्यता के आधार पर रोजगार मिले, बच्चे को सरकारी स्कूल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और प्रतिभाशाली खिलाड़ी को पदक जीतने के लिए आवश्यक सुविधाएं मिलें।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने उनकी सरकार को सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी है और वे इस जिम्मेदारी को ईमानदारी तथा लगन से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जो काम शुरू हुआ है, वह अब रुकेगा नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं के फोन पर नोटिफिकेशन आने का सिलसिला जारी रहेगा, मुफ्त बिजली मिलती रहेगी, किसानों को दिन के समय बिजली मिलती रहेगी, योग्यता-आधारित भर्ती जारी रहेगी और पंजाब के कायाकल्प का काम भी जारी रहेगा।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि शासन का वास्तविक पैमाना आम लोगों के दैनिक जीवन में आया सुधार होता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार एक मजबूत, खुशहाल और प्रगतिशील पंजाब के निर्माण के उद्देश्य से काम करती रहेगी।’'