बापू तरसेम सिंह, सरदार मनप्रीत सिंह अयाली और भाई सरबजीत सिंह खालसा की मौजूदगी में हुई सदस्यता ग्रहण
चंडीगढ़: अकाली दल “वारिस पंजाब दे” ने पंजाब की राजनीति में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को और तेज करते हुए आज पंजाब की राजनीति को एक नया मोड़ दिया। आज अकाली दल "वारिस पंजाब दे" की वरिष्ठ नेतृत्व, बापू तरसेम सिंह, सरदार मनप्रीत सिंह अयाली और भाई सरबजीत सिंह खालसा द्वारा चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और पंजाब पुलिस के पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों को अकाली दल “वारिस पंजाब दे” में शामिल हुए।
सरदार निरंजन सिंह पंजाब में हाई-प्रोफाइल, ड्रग-ट्रैफिकिंग और मनी-लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर चुके हैं। सरदार निरंजन सिंह पिछले समय के दौरान पंजाब में नशीले पदार्थों और अवैध मनी-लॉन्ड्रिंग के मामलों पर सार्वजनिक रूप से भी अपना पक्ष रखते रहे हैं। पंजाब में ड्रग तस्करी के नेटवर्क और इससे जुड़ी कथित समस्याओं के बारे में उन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान और सेवानिवृत्ति के बाद भी बेबाक राय रखी। इसके साथ ही सरदार निरंजन सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ते हुए, कई संस्थाओं के सहयोग से लोगों को जागरूक किया। सरकारी तंत्र में दीमक की तरह लग चुकी भ्रष्टाचार की बीमारी को जड़ से उखाड़ने के लिए वे हमेशा प्रयासरत रहे हैं।
बलविंदर सिंह सेखों पंजाब पुलिस में डीएसपी के रूप में सेवा दे चुके हैं। वे पंजाब में नशे के मामलों को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी आवाज उठाते रहे हैं। इसके अलावा सरदार बलविंदर सिंह सेखों जहां नदियों के पानी के मुद्दे पर आवाज उठाते आ रहे हैं, वहीं पानी के संरक्षण और पानी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए भी प्रयासरत रहे हैं।
बापू तरसेम सिंह द्वारा जहां शामिल हुई दोनों शख्सियतों का स्वागत किया गया, वहीं उन्होंने कहा कि दोनों शख्सियतों का अनुभव और पंजाब के अहम मुद्दों के बारे में उनकी समझ पार्टी की गतिविधियों को नई दिशा देने में सहायक होगी। बापू तरसेम सिंह ने कहा कि आज अकाली दल "वारिस पंजाब दे" का काफिला लगातार बढ़ता जा रहा है। हर क्षेत्र से बड़ा अनुभव रखने वाली बेबाक और ईमानदार शख्सियतों का "वारिस पंजाब दे" के साथ जुड़ना साबित करता है कि पंजाब अपना मन बना चुका है। इस बार पंजाब की संगत (जनता) अपने वारिसों को चुनने जा रही है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता सरदार मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि पंजाब के युवाओं, किसानों, व्यापारियों, पंजाब के पानी, पंजाब के अधिकारों और नशे जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर पंजाब की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। सरदार अयाली ने कहा कि यह सदस्यता ग्रहण पंजाब की क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है और आने वाले समय में पार्टी अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को और तेज करेगी। सरदार अयाली ने कहा कि आज पंजाब देश की राजनीति के लिए मार्गदर्शक बनने के लिए तैयार है। राज्यों के अधिक अधिकारों की बात, अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाना, नशे और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को जनता की अदालत में लाकर नेतृत्व की जवाबदेही तय करना, संगठन का मुख्य एजेंडा है।
इस मौके पर भाई सरबजीत सिंह खालसा ने पंजाब की संगत, पंथ और पंजाब के संवेदनशील व समर्पित लोगों से अकाली दल "वारिस पंजाब दे" के साथ जुड़ने की अपील की। भाई सरबजीत सिंह खालसा ने कहा कि आज जवाबदेह नेतृत्व मुख्य आवश्यकता है। जनता और सरकारों के बीच पैदा हुए अविश्वास के कारण अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज पंथ से जुड़ी संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है।
इस मौके पर भाई मनदीप सिंह, भाई जसकरण सिंह काहनसिंह वाला, भाई सुखविंदर सिंह अगवान, सरदार बाबू सिंह बराड़, सरदार काबिल सिंह, सरदार परमजीत सिंह जोहल समेत समस्त वरिष्ठ नेतृत्व उपस्थित रहे।