राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 23सितंबर। हरियाणा में इस बार भी धान का खरीद सीजन शांतिपूर्ण गुजरने आसार नहीं है। किसान धान लेकर मंडी में पहुंच गए है और धान की खरीद शुरू होने पर बवाल शुरू हो गए। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ने सभी किसान यूनियन से एकजुट होने की अपील की है।टिकैत गुट ने चढूनी गुट को समर्थन भी दे दिया है। हरियाणा की मंडियों में धान की खरीद एक अक्टूबर से तय की गई जबकि धान लेकर मंडी पहुंचे किसान तुरंत खरीद शुरू करने की मांग कर रहे है। धान खरीद एक अक्टूबर से 15नवंबर तक तय की गई है।
मुद्दा फिलहाल कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में धान खरीद की मांग को लेकर शुरू हुआ विवाद बना है।विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को नेशनल हाईवे पर हुए हंगामे और लाठीचार्ज के बाद रात भर किसान बराड़ा रोड पर हाईवे के पास धरने पर डटे रहे। बुधवार सुबह भी आंदोलन स्थल पर भारी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना के बीच पुलिस प्रशासन ने धरपकड़ तेज कर दी । रात भर पुलिस की टीमें किसान नेताओं के ठिकानों पर दबिश देती रहीं और तड़के कई प्रमुख चेहरों को हिरासत में ले लिया गया।
शाहाबाद में आंदोलन को तेज करने की रणनीति के बीच पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 4 बजे भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के जिला अध्यक्ष संजू नंबरदार और प्रदेश सचिव संजीव आलमपुर को उनके घरों से हिरासत में ले लिया। ये दोनों नेता मंगलवार से ही प्रदेश भर के किसानों से भारी तादाद में शाहाबाद पहुंचने का आह्वान कर रहे थे। वहीं, भाकियू चढूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस और जसवीर सिंह मामूमाजरा को पुलिस ने मंगलवार को बवाल के दौरान ही हिरासत में लिया था, जिन्हें देर रात तक रिहा नहीं किया गया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी मंगलवार पूरी रात धरना स्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने तमाम सिख संगठनों और किसान यूनियनों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। चढूनी ने ऐलान किया है कि बुधवार दोपहर तक धरना जारी रहेगा। इसके बाद प्रदेश भर से आने वाले किसानों और किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति बनाई जाएगी।