आप विधायक बग्गा के बेटे पार्षद अमन बग्गा हारे, भाजपा की रुचि गुलाटी चौथे स्थान पर; 94 पार्षदों और 6 विधायकों ने डाले वोट, 7 बैलेट पेपर हुए रद्द
लुधियाना: लुधियाना नगर निगम की फाइनांस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफ. & सी.सी.) के दो सदस्यों के चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू के बेटे युवराज सिंह सिद्धू और कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने जीत दर्ज की है। वहीं उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से आप विधायक मदन लाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा की उम्मीदवार रुचि गुलाटी चौथे स्थान पर रहीं।
गुरु नानक देव भवन में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई वोटिंग में युवराज सिद्धू को सबसे ज्यादा 37 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के गौरव भट्टी को 29 वोट हासिल हुए। अमन बग्गा को 27 और भाजपा की रुचि गुलाटी को 15 वोट मिले। दो सदस्यों के चुनाव के लिए कुल 94 पार्षदों और 6 विधायकों ने मतदान किया। इनमें 7 वोट बैलेट पेपर पर गलत निशान लगाए जाने के कारण रद्द कर दिए गए।
एफ. & सी.सी. चुनाव के दौरान गुरु नानक देव भवन में सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े इंतजाम किए गए। चुनाव हॉल में सिर्फ पार्षदों, विधायकों और अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश दिया गया। मीडिया, पार्षदों के प्रतिनिधियों और महिला पार्षदों के रिश्तेदारों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इतना ही नहीं, पार्षदों और विधायकों समेत किसी को भी मोबाइल फोन चुनाव हॉल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। हाईकोर्ट के आदेश के तहत पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
11 बजे शुरू हुई वोटिंग, मेयर ने डाला पहला वोट
दो सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। मेयर इंदरजीत कौर ने सबसे पहला वोट डाला। मेयर ही इस चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी भी थीं।
वोटिंग के दौरान विपक्षी पार्षदों ने मेयर और विधायकों के वोट डालने के अधिकार पर सवाल उठाए। इस पर मेयर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया नियमों के अनुसार करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिसे भी आपत्ति है, वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर सकता है।
काउंटिंग के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक रुकी प्रक्रिया
मतगणना के दौरान उस समय स्थिति दिलचस्प हो गई, जब कांग्रेस उम्मीदवार गौरव भट्टी के अनुसार, जब उनकी जीत लगभग तय हो गई थी, तभी आप उम्मीदवार अमन बग्गा वॉशरूम जाने के लिए उठ गए। इसके बाद करीब एक से डेढ़ घंटे तक काउंटिंग रुकी रही।
आप के दोनों उम्मीदवारों की जीत का गणित बिगड़ा
चुनाव से पहले आप के पास मेयर समेत 49 पार्षदों और 6 विधायकों का समर्थन था। कांग्रेस के 25 पार्षद थे, लेकिन एक पार्षद की मृत्यु के कारण 24 वोट उपलब्ध थे। भाजपा के पास 19 और अकाली दल के पास 2 वोट थे।
चुनाव में आप के दोनों उम्मीदवारों की जीत की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि वोटों के बंटवारे के कारण पार्टी का एक ही उम्मीदवार जीत पाया। युवराज सिद्धू को 37 वोट मिले, जबकि अमन बग्गा को सिर्फ 27 वोट हासिल हुए। राजनीतिक गणित के मुताबिक अगर युवराज सिद्धू के खाते से महज 3 वोट भी अमन बग्गा को मिल जाते तो आप के दोनों उम्मीदवार जीत सकते थे।
हाईकोर्ट की चुनौती के बाद दोबारा हुआ चुनाव
एफ. & सी.सी. को लेकर विवाद पहले भी हाईकोर्ट तक पहुंच चुका था। इससे पहले आप के दोनों उम्मीदवारों युवराज सिद्धू और अमन बग्गा को एफ. & सी.सी. का सदस्य बनाया गया था। कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी ने इस नियुक्ति को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट की कार्रवाई के बाद निकाय विभाग ने दोनों नियुक्तियों को गैरकानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था। इसके बाद दो सदस्यों के लिए दोबारा चुनाव करवाया गया। इस बार भी आप ने युवराज सिद्धू और अमन बग्गा को ही मैदान में उतारा, लेकिन अमन बग्गा जीत हासिल नहीं कर सके।
युवराज सिद्धू ने कहा- चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हुआ
जीत के बाद आप उम्मीदवार युवराज सिंह सिद्धू ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि हर पार्षद को अपने अधिकार के अनुसार वोट देने का अधिकार है और विधायक भी एक्ट के अनुसार वोट कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को विधायकों के वोट डालने पर आपत्ति है तो वह दोबारा अदालत का रुख कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी के मोबाइल फोन बाहर रखवा दिए गए थे।
गौरव भट्टी बोले- विपक्षी पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश
कांग्रेस पार्षद और विजेता उम्मीदवार गौरव भट्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले अधिकारियों की ओर से कांग्रेस समेत विपक्षी पार्षदों को अपने काम करवाने के लिए फाइलें लाने के लिए कहा जा रहा था और काम तुरंत करवाने का लालच दिया जा रहा था।
भट्टी ने आरोप लगाया कि आप साम-दाम-दंड-भेद की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्षद न तो अधिकारियों से डरते हैं और न ही उन्होंने कोई गैरकानूनी काम करवाना है।
बैलेट पेपर के पीछे सीरियल नंबर को लेकर भी हुआ था विवाद
चुनाव से पहले नगर निगम की ओर से जारी किए गए बैलेट पेपर के पीछे सीरियल नंबर लिखे जाने को लेकर विपक्षी पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। विपक्ष का कहना था कि इससे यह पता लगाया जा सकता है कि किस पार्षद ने किस उम्मीदवार को वोट दिया।
- शुक्रवार देर शाम विपक्षी पार्षदों की मेयर और कमिश्नर के साथ बैठक हुई। इसके बाद मेयर ने माना कि बैलेट पेपर के पीछे सीरियल नंबर नहीं डाला जाएगा। हालांकि विधायकों के वोट डालने और खुद मतदान करने के अपने फैसले पर मेयर कायम रहीं।
- चुनाव के दौरान 175 पुलिसकर्मी रहे तैनात
चुनाव को लेकर गुरु नानक देव भवन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। करीब 175 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें 9 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विभिन्न थानों के एसएचओ भी शामिल थे।
डीसीपी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव हॉल में केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया गया, जिन्हें नगर निगम की ओर से अनुमति मिली थी।
विपक्ष ने कहा- हाईकोर्ट का फिर रुख करेंगे.
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षी पार्षदों ने कहा कि विधायकों के वोट डालने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर वे एक बार फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
इस चुनाव के नतीजों के साथ जहां आप के युवराज सिद्धू एफ. & सी.सी. में जगह बनाने में सफल रहे, वहीं कांग्रेस के गौरव भट्टी ने हाईकोर्ट में चुनौती देने के बाद दोबारा हुए चुनाव में जीत दर्ज कर आप को बड़ा झटका दिया है।