वड़िंग ने महिलाओं के लिए प्रति माह 1000 रुपये देने के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए, कहा कि यह बहुत कम है और बहुत देर से किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने राज्य की सभी महिलाओं को 1000 रुपये मासिक नकद सहायता देने का वादा किया था और इसी वादे के आधार पर बड़ी जीत हासिल की थी। यदि सरकार अपने वादे को लेकर गंभीर होती, तो चार साल के बकाया सहित भुगतान का ऐलान करती, जो हर महिला के लिए 48,000 रुपये बनता है।
उन्होंने कहा कि चार साल तक यह राशि नहीं दी गई और अब जब इसका ऐलान किया गया है, तो यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि महिलाओं को यह पैसा किस तारीख से मिलना शुरू होगा। यह एक पोस्ट-डेटेड चेक की तरह है, जिसके नकद होने की कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि आप सरकार के कार्यकाल के अब गिने-चुने दिन ही बचे हैं।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यह ऐलान भी 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना की तरह ही अंजाम तक नहीं पहुंचेगा, जो केवल पंजीकरण और पहचान की प्रक्रियाओं में ही उलझ कर रह गई है।