जगराओं, 19 मार्च (दविंदर जैन, फोटो: अश्वनी कुमार):
एक ओर जहां आसमान से इंद्र देवता ठंडक बरसा रहे थे, वहीं नगर काउंसिल जगराओं के अंदर माहौल पूरी तरह गर्म रहा। काउंसिल परिसर में गहमागहमी के बीच तापमान जैसे बढ़ गया हो—यह दृश्य देखने लायक रहा।
नगर काउंसिल जगराओं में आज एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे शहर में चर्चा छेड़ दी। नगर काउंसिल के कार्यकारी प्रधान कंवरपाल पाल सिंह ने कुछ पार्षदों (एमसीज़) के साथ मिलकर काउंसिल दफ्तर के अंदर ही धरना दे दिया। जानकारी के अनुसार यह धरना नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) मोहित शर्मा के खिलाफ लगाया गया।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब खुद कार्यकारी प्रधान को अपने ही दफ्तर में धरना देना पड़ जाए, तो आम जनता के कामों का क्या होगा।
सूत्रों के अनुसार मामला बिल्डिंग नक्शों की मंजूरी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। हालांकि जब इस बारे में कार्यकारी प्रधान और मौजूद पार्षदों से बातचीत करने की कोशिश की गई, तो कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आ सका और हंगामे के बीच स्थिति साफ नहीं हो पाई।
दूसरी ओर, जब ईओ मोहित शर्मा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नगर काउंसिल में किसी भी प्रकार का गैर-कानूनी दबाव या गलत काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर काम कानून के दायरे में रहकर और पूरे दस्तावेजों के आधार पर ही किया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर किसी को उनके काम करने के तरीके से आपत्ति है तो उनकी बदली करवाई जा सकती है, लेकिन वे गलत काम नहीं करेंगे।
ईओ के इस सख्त बयान के बाद शहर में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। लोगों का मानना है कि यदि सिस्टम के अंदर ही तालमेल की कमी है, तो इसका सीधा असर आम जनता के कामों पर पड़ सकता है।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाता है और क्या नगर काउंसिल के काम पहले की तरह सुचारू रूप से चल पाते हैं या नहीं।
