सरकारी स्कूलों के सुधार कार्यों के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार युवाओं के लिए करियर के कई रास्ते खोलने पर ध्यान केंद्रित कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सरकार द्वारा 'बिना किसी रिश्वत और फ़रमाइश' के पूरी तरह योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार ने 70,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लोगों को ऐसे प्रतिनिधि चुनने चाहिए जो उनके दुख-तकलीफों और समस्याओं को समझते हों: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
देश भगत कॉलेज में युवा मेले के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवाओं को किया संबोधित
धूरी, 25 अक्टूबर 2026:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के सुधार कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सरकार द्वारा युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोले जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार द्वारा युवाओं को रिश्वत और फ़रमाइश के बिना पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
धूरी के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में युवा मेले के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें शिक्षा और कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब को ऐसे चुने हुए प्रतिनिधियों की जरूरत है जो लोगों के दुखों और समस्याओं को समझ सकें।
इस मौके की कुछ यादें साझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'X' पर लिखा: "आज मुझे धूरी हल्के के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में करवाए गए क्षेत्रीय युवा मेले के दौरान युवाओं से रूबरू होने का मौका मिला। उनके उत्साह और कलात्मक हुनर को देखकर मुझे अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई, क्योंकि मेरा सफर भी ऐसे ही मंचों से शुरू हुआ था। युवाओं को मेरी सलाह है कि इन मुकाबलों में हिस्सा लेना ही अपने आप में सबसे बड़ी जीत है। जो जीतते हैं, उन्हें नम्र रहना चाहिए और जो हार जाते हैं उन्हें और कड़ी मेहनत करनी चाहिए। हमारी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के युवाओं को 70,000 से अधिक नौकरियां दी हैं। तुम बस अपनी पढ़ाई और कड़ी मेहनत पर ध्यान दो। पंजाब सरकार हर कदम पर तुम्हारे साथ खड़ी है।"
इस मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "युवाओं की ऊर्जा, हुनर और रचनात्मकता पंजाब की सबसे बड़ी पूंजी हैं और सूबे का भविष्य इन गुणों को निखारने और युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के सार्थक अवसर प्रदान करने पर निर्भर करता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षा क्लासरूम, पाठ्यपुस्तकों और परीक्षा के नतीजों से परे होनी चाहिए। असली शिक्षा स्वतंत्र सोच, जिम्मेदारी की मजबूत भावना, अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत वाले आत्मविश्वासी व्यक्ति पैदा करने में है।"
युवा मेलों के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समागम विद्यार्थियों को अपने छिपे हुए हुनरों का पता लगाने, झिझक को दूर करने, आत्म-विश्वास विकसित करने और अनुशासन, टीम वर्क और स्वस्थ मुकाबले में बहुमूल्य सबक सीखने के योग्य बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा, "यह मंच विद्यार्थियों को एक दूसरे से सीखने, अपने सोच के दायरे को बड़ा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने आप को तैयार करने में मदद भी करते हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस युवा मेले में 39 कॉलेजों के विद्यार्थियों की भागीदारी को देखकर बेहद खुशी जताई। इस दौरान चार चरणों में 60 विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। उन्होंने कहा, "विद्यार्थी सांस्कृतिक और साहित्यिक मुकाबलों की विशाल श्रेणी के माध्यम से अपनी कलात्मक योग्यताओं, रचनात्मकता और हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं जो पंजाब की युवा पीढ़ी की जिंदादिली और क्षमताओं को दर्शाते हैं।" उन्होंने कई दशकों से युवा मेले करवाने में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और इसके युवा भलाई विभाग के योगदान की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इन प्रयासों ने युवा प्रतिभा को निखारने, संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को पंजाब की शानदार विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।"
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर विद्यार्थी में विशिष्ट योग्यताएं और क्षमता होती है। हालात और अवसर चाहे कैसे भी हों, पर दृढ़ इरादा, समर्पण और कड़ी मेहनत से युवा सभी रुकावटों को पार करके कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, "शिक्षण संस्थानों की यह जिम्मेदारी है कि वे इस क्षमता की पहचान करें, सही माहौल प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि हौसला-अफजाई की कमी के कारण कोई भी प्रतिभा अनदेखी न रहे।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री-धारक पैदा करना ही नहीं बल्कि ऐसे जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो समाज में सार्थक योगदान दे सकें।"
उन्होंने कहा कि संगीत, नृत्य, थिएटर, साहित्य और लोक कलाओं जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में भावनात्मक समझ, रचनात्मक सोच, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना पैदा करने में सहायक होती हैं, जो प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब की सांस्कृतिक विरासत हमारे लोगों के लिए गर्व और पहचान का स्रोत है। युवा मेले और लोक मेले विभिन्न पीढ़ियों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि सूबे के रवायती कला रूप, लोक संगीत, नृत्य और देशी खेल लगातार फलते-फूलते रहें।"
युवाओं को नए विचार खोजते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, "ऐसे मंच सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिक इच्छाओं के बीच सार्थक संतुलन कायम करते हैं। क्षेत्रीय, अंतर-जोनल और राष्ट्रीय स्तर के समागमों में हिस्सा लेने के मौके विद्यार्थियों को ऊंचे लक्ष्य तय करने और बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। ये तजुर्बे विद्यार्थियों के दृष्टिकोण को विशाल करने, आत्म-विश्वास बढ़ाने और उन्हें अपनी शिक्षण संस्थानों की हदों से पार जाकर शिखर की ओर जाने के लिए प्रेरित करते हैं।"
युवा मेले को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक प्रयास बताते हुए उन्होंने कहा, "युवाओं में निवेश करने का मतलब है पंजाब के भविष्य में निवेश करना। युवाओं को अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करने, अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने और सूबे की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक तरक्की में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "'रंगला पंजाब' तभी बनाया जा सकता है जब हमारे युवाओं को ज्ञान, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और उद्देश्य की मजबूत भावना से सक्षम बनाया जाए।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने और सकारात्मक मूल्यों को पैदा करने वाले प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को सक्षम नेता और जिम्मेदार नागरिकों में बदलने में मदद करते हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और कभी भी अपनी क्षमता को कम न आंकने की अपील की।
युवाओं को नए अवसरों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के युवाओं की इच्छाएं और उपलब्धियां सूबे के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया, "युवा मेला युवा प्रतिभा का जश्न है, पंजाब की सांस्कृतिक समृद्धि को समर्पित है और यह याद दिलाता है कि जब युवाओं को सही मंच, प्रोत्साहन और अवसर दिए जाते हैं तो वे मजबूत, अधिक जीवंत और 'रंगला पंजाब' के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।"
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Gautam Jalandhari (Editor)