हरियाणा के अरावली क्षेत्र में डंपिंग यार्ड का विरोध धरने पर बैठे ग्रामीणों को पुलिस ने घसीटा
Oct24,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 24अक्टूबर। अरावली की गोद में कचरा डालने पर आमादा फरीदाबाद नगर निगम का विरोध करने के लिए धरने पर बैठे ग्रामीणों को पुलिस दमन का शिकार होना पड़ रहा है।अरावली क्षेत्र में डंपिंग यार्ड के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों को पुलिस ने घसीट घसीटकर हटाया। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से झड़प हुई,। इसके बाद महिलाएं लठ लेकर सड़क पर बैठ गईं।
फरीदाबाद में पुलिस और ग्रामीणों के बीच यह झड़प शनिवार दोपहर हुई। अरावली क्षेत्र के भाखरी गांव में डंपिंग यार्ड बनाए जाने के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों को पुलिस ने जबरन उठाना शुरू कर दिया। धरना धत्म होता देख ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। फिर महिलाएं सड़क पर लठ लेकर कुर्सी डालकर बैठ गईं। स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। फोर्स ने महिला प्रदर्शनकारियों को भी मौके से खदेड़ दिया। हंगामा बढ़ने पर उन्हें पुलिस वैन में बैठा लिया। जेसीबी की मदद से धरनास्थल पर लगा टेंट भी हटा दिया गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस की कई टीमें तैनात कर दी गई । पथराव के दौरान 4 पुलिस कर्मचारियों को हल्की चोट आई है। पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया है। अरावली एरिया में बसे भाखरी गांव में नगर निगम की ओर से डंपिंग यार्ड बनाया जा रहा है। इसके विरोध में 11 दिन से ग्रामीण धरना दे रहे हैं। भाखरी गांव के पास डंपिंग यार्ड बनाना प्रस्तावित है। 7 अक्टूबर को नगर निगम ने यहा कूड़ा डालना शुरू किया था। इसके विरोध में 15 अक्टूबर को भाखरी और आसपास के गांवों के लोगों ने धरना शुरू कर दिया। 16 अक्टूबर को पुलिस ने धरना दे रहे ग्रामीणों और स्थानीय पार्षद जगदीश फागना को हिरासत में लिया था।
ग्रामीणों ने अगले दिन से फिर धरना शुरू कर दिया। इसके बाद से प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास कर रहा था। शनिवार को नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर अनिल यादव ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने करीब 2 बजे प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि अरावली संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र है। यहां डंपिंग यार्ड बनाने और कूड़ा डालने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। कचरे से निकलने वाला दूषित पानी जमीन में रिसकर ग्राउंड वाटर को प्रदूषित कर सकता है। इससे ग्रामीणो की सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है।ग्रामीणों ने कहा कि बंधवाड़ी में कचरा डालने पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद दूसरे स्थानों पर कूड़ा पहुंचाया जा रहा है। इससे अरावली क्षेत्र में भी कचरे के ढेर बढ़ने का खतरा है।
भाखरी के पास जिस जमीन पर कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया जाना प्रस्तावित है, वह हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड की है। नगर निगम ने इसमें से 50 एकड़ जमीन लीज पर ली है। निगम की योजना शहर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण करने की है। फरीदाबाद नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर में रोजाना करीब 1200 टन कचरा निकलता है। प्रतापगढ़ और नचौली स्थित डंपिंग यार्ड पर भी पहले से कचरे के ढेर लगे हैं। प्रतापगढ़ में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद कचरा डालने की मात्रा सीमित की गई थी। इसके बाद नगर निगम को भाखरी गांव में अल्टरनेटिव व्यवस्था करनी पड़ रही है।
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