राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़ 7 अक्टूबर । देश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातीय जनगणना कराने की मांग को लेकर हरियाणा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में ओबीसी जनगणना के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का भी वैज्ञानिक तरीके से आंकड़ा जुटाने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा कांग्रेस ओबीसी सेल के प्रधान एवं विधायक चंद्रप्रकाश, कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, विधायक आफताब अहमद और बी.बी. बत्रा सहित कई नेता व विधायक शामिल रहे।
मुलाकात के बाद विधायक चंद्रप्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 14 अगस्त को जारी किए गए नोटिफिकेशन में ओबीसी की गणना के लिए अलग से कोई कॉलम नहीं रखा गया है। जब जातीय जनगणना का मुद्दा संसद में उठा था, तब ओबीसी की गणना कराने की बात कही गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि अब सरकार इस मामले में अपने आश्वासन से पीछे हट रही है।
ज्ञापन में ओबीसी की गणना वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से कराने की मांग की गई है। कई जातियों को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इसलिए ऐसी जातियों की सही पहचान और उन्हें एक श्रेणी में शामिल करने के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई जानी चाहिए। सही और प्रमाणिक आंकड़े सामने आने के बाद ही ओबीसी वर्ग के लिए प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकेंगी और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस ने मांग की है कि ओबीसी जनगणना में केवल जातिगत संख्या ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति के आंकड़ों को भी शामिल किया जाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे पिछड़े वर्ग की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और भविष्य की नीतियां बनाने में मदद मिलेगी। ज्ञापन में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की गणना से जुड़ी कथित विसंगतियों को भी दूर करने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया स्पष्ट, पारदर्शी और वैज्ञानिक होनी चाहिए, ताकि सभी वर्गों का सही आंकड़ा सामने आ सके।