*प्रतिदिन करीब 75 टन गोबर अब भी बूढ़े दरिया में बहाया जा रहा है*
ताजपुर और हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स का गंदा पानी बूढ़े दरिया में जा रहा है
लुधियाना, 24 अक्टूबर। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बूढ़े दरिया की सफाई के मामले में नगर निगम, सीवरेज बोर्ड और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार को बल्लोके स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एसटीपी) में गोबर पहुंचने के मामले को लेकर उन्होंने पीपीसीबी और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
संत सीचेवाल ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके एसटीपी स्थापित किए हैं, ताकि गंदे पानी को ट्रीट करके आगे छोड़ा जा सके। इसके बावजूद लुधियाना का कोई भी ट्रीटमेंट प्लांट निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। उन्होंने हैरानी जताई कि एक विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर दूसरे विभाग पर आरोप लगा देते हैं और दूसरा विभाग किसी अन्य विभाग पर दोष मढ़कर खुद को जिम्मेदारी से मुक्त दिखाने की कोशिश करता है। इस आपसी आरोप-प्रत्यारोप के कारण सरकार की बदनामी हो रही है और लोगों के जीवन एवं स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब भी प्रतिदिन करीब 75 टन गोबर बूढ़े दरिया में बहाया जा रहा है।
संत सीचेवाल ने शनिवार सुबह 8 बजे से दोपहर बाद तक शहर के लगभग सभी एसटीपी, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर डेयरी कॉम्प्लेक्स का गोमूत्र युक्त गंदा पानी सीवर लाइनों में डाला जा रहा था। इससे बल्लोके स्थित 160 एमएलडी क्षमता वाले ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो रही है। प्लांट से निकलने वाले ठोस अवशेष (केक) में भी केवल गोबर ही दिखाई दे रहा था।
गांव तलवाड़ा और बरनहाड़ा की पंचायतों द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित ‘सीचेवाल मॉडल’ के तीनों कुएं गोबर से जाम हो चुके हैं। संत सीचेवाल ने पंचायती विभाग के अधिकारियों को गांव की डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सबसे खराब स्थिति ताजपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स में देखने को मिली। यहां अस्थायी रूप से बनाया गया सीचेवाल मॉडल पूरी तरह जाम हो चुका था और गंदे पानी की निकासी सीधे बूढ़े दरिया में की जा रही थी। जिस गंदे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचना चाहिए था, वह अस्थायी सीचेवाल मॉडल के तहत खोदे गए तालाब में जमा होकर दरिया में बह रहा था।
संत सीचेवाल ने पावरकॉम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिन डेयरी संचालकों के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कई डेयरी संचालक अवैध बिजली कनेक्शन यानी कुंडियां लगाकर मोटरें चला रहे हैं और भूजल का अंधाधुंध दोहन कर रहे हैं।
उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए कि डेयरियों में दुधारू पशुओं को लगाए जा रहे इंजेक्शनों की जांच की जाए, क्योंकि कुछ इंजेक्शन मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि डेयरियों में पशुओं की संख्या इतनी अधिक है कि उन्हें बैठने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। यह पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार है।
संत सीचेवाल ने बताया कि पशुपालन विभाग इस मामले में सक्रिय हो गया है। विभाग पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल करेगा और पशु संरक्षण से संबंधित कानूनों का उल्लंघन पाए जाने पर डेयरी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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*बॉक्स आइटम: डेयरी संचालकों के खिलाफ 263 एफआईआर दर्ज*
बूढ़े दरिया की सफाई के लिए अभियान चला रहे राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल शुरुआत से ही डेयरी संचालकों से गोबर के उचित निपटान की व्यवस्था करने की अपील करते आ रहे हैं। सफाई अभियान शुरू होने के शुरुआती दो महीनों तक डेयरियों से गोबर उठाने की व्यवस्था भी स्वयं की गई थी। इसके बावजूद पशुओं का गोमूत्र अब भी बूढ़े दरिया में बहाया जा रहा है। संत सीचेवाल के बार-बार आग्रह करने पर पावरकॉम ने उन डेयरी संचालकों के बिजली कनेक्शन काटे थे, जो गोबर दरिया में बहा रहे थे। अब तक डेयरी संचालकों के खिलाफ कुल 263 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स में 117 और ताजपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स में 146 एफआईआर शामिल हैं। इसके बावजूद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। संत सीचेवाल ने कहा कि बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई का फायदा भी डेयरी संचालकों को ही मिल रहा है। पहले उन्हें बिजली का बिल चुकाना पड़ता था, लेकिन अब कनेक्शन कटने के बाद भी कई डेयरी संचालक खुलेआम कुंडियां लगाकर अपना कारोबार चला रहे हैं। इसके बावजूद पावरकॉम के अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से बिजली की कुंडियां लगाने वाले डेयरी संचालकों के खिलाफ रोजाना जुर्माना लगाया जाना चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।