*सेफ पंजाब गुप्त व्हाट्सएप हेल्पलाइन के द्वारा भगवंत मान सरकार के युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान के तहत 21900 से अधिक गिरफ्तार*
Jul4,2026
| Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh
*नशा मुक्त माहौल में रहना चाहते हैं लोग और पुलिस का साथ देने के लिए हैं तैयार : डी.जी.पी. गौरव यादव*
*नशों के विरुद्ध स्थायी सफलता के लिए लोगों का निरंतर सहयोग आवश्यक : डॉ. बलबीर सिंह*
पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही लड़ाई अब जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है, जिसके तहत गांवों और शहरी क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में आगे आकर 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप हेल्पलाइन 97791-00200 पर नशा तस्करों और सप्लायरों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी साझा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 'सेफ पंजाब' हेल्पलाइन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान का हिस्सा है।
लोगों की बढ़ती भागीदारी से न केवल पुलिस को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में मदद मिल रही है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ा है। उन्हें विश्वास है कि उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उनके द्वारा दी गई सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इसी कारण यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान का मजबूत आधार बनकर उभरी है, जिसके तहत लोगों की भागीदारी और सख्त कानूनी कार्रवाई से नशों को जड़ से समाप्त किया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक पंजाब भर से 43,520 गुप्त सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इन सूचनाओं और आगे की जांच के आधार पर 17,120 मामले दर्ज किए गए और 21,962 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को अभियान का हिस्सा बनाना है ताकि वे बिना किसी डर के नशे के खिलाफ जानकारी साझा कर सकें। शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है और प्राप्त सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। इसी कारण 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप हेल्पलाइन के माध्यम से समाज के हर वर्ग के लोग संदिग्ध गतिविधियों और नशा बिक्री के बारे में रिपोर्ट करने के लिए आगे आ रहे हैं।
व्हाट्सएप हेल्पलाइन के अलावा पंजाब में चल रही ई-रिक्शाओं के माध्यम से भी गुप्त रूप से जानकारी साझा करने की व्यवस्था की गई है। इन ई-रिक्शाओं के माध्यम से अब तक लगभग 3440 गांवों तक पहुंच बनाई जा चुकी है, जो राज्य के लगभग एक-तिहाई गांवों के बराबर है। ये दोनों तरीके नशा तस्करों और नशा कारोबारियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण जानकारी के स्रोत बनकर उभरे हैं।
इस पहल के तहत प्राप्त हर शिकायत की पहले पूरी जांच की जाती है। जानकारी सही पाई जाने पर उसे तुरंत संबंधित जिला पुलिस इकाई को कार्रवाई के लिए भेजा जाता है ताकि लोगों द्वारा दी गई पुख्ता सूचना के आधार पर नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, "'सेफ पंजाब' पहल पर लोगों की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि वे नशा मुक्त माहौल में रहना चाहते हैं और यदि उन्हें उनकी पहचान गुप्त रखे जाने का भरोसा मिलता है तो वे कानूनी कार्रवाई में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। लोगों ने इस पहल में बड़ी संख्या में सक्रियता दिखाई है और पुलिस ने भी पूरी सतर्कता एवं सहृदयता के साथ कार्रवाई की है।"
शिकायतों की बढ़ती संख्या को पुलिस पर जनता के बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है। अब लोग मूक दर्शक बने रहने के बजाय नशा तस्करी से जुड़ी घटनाओं की जानकारी पुलिस को दे रहे हैं, जिससे समय पर कार्रवाई करने में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "इस पहल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रहे 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान को और मजबूत किया है, जिसमें कार्रवाई, जन-भागीदारी, जागरूकता और पुनर्वास शामिल हैं। नशों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इस लड़ाई में स्थायी सफलता के लिए जनता का निरंतर सहयोग अत्यंत आवश्यक है।"
इस प्लेटफॉर्म पर प्राप्त सभी शिकायतें पूरी तरह गुप्त होती हैं और जानकारी देने वालों की पहचान भी गुप्त रखी जाती है। नागरिकों को नशा तस्करों और नशे के कारोबारियों के बारे में बिना किसी डर के जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इन गुप्त सूचनाओं के आधार पर 17,000 से अधिक मामलों में कार्रवाई हुई है, जो दर्शाता है कि लगभग 40 प्रतिशत शिकायतों के आधार पर गिरफ्तारियां हुई हैं। इससे स्पष्ट है कि 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप हेल्पलाइन राज्य के नशा विरोधी अभियान में एक प्रभावी साधन के रूप में उभर रही है। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि लोगों की निरंतर भागीदारी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्प और मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकेगा।
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