हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी 23 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट (एएसडी) श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं की बूथवार सूचियां राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के साथ साझा करें। इसके साथ ही ये सूचियां संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की वेबसाइट पर भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस पहल का उद्देश्य ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले ही संभावित त्रुटियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास के अनुसार एसआइआर अभियान के दौरान जिन मतदाताओं को एएसडी श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उनसे संपर्क स्थापित करने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने तीन या उससे अधिक बार प्रयास किए हैं। इसके बावजूद जिन मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी, उनकी सूची अब राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की जाएगी ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा सके।
हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजकुमार ने बताया कि राज्य के सभी 23 जिलों में कार्यरत 20 हजार 629 बीएलओ राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 31 हजार 894 बीएलए के साथ बूथ स्तर पर बैठकें करेंगे और एएसडी मतदाताओं की सूचियां साझा करेंगे। इन बैठकों के माध्यम से प्रत्येक मतदाता की सही स्थिति का निर्धारण किया जाएगा ताकि ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने से पहले किसी भी त्रुटि को सुधारा जा सके।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार राजनीतिक दलों की भागीदारी से मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। इससे मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान आसान होगी, वहीं पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका भी कम होगी। ड्राफ्ट मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद बूथवार, विधानसभावार और जिलावार एएसडी सूचियां संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सूचियों को इपिक सर्च योग्य मोड में रखा जाएगा, जिससे मतदाता आसानी से अपनी स्थिति की जांच कर सकेंगे।
ए श्रीनिवास ने बताया कि एसआइआर अभियान के तहत घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य भी तेजी से जारी है। 19 जून 2026 तक हरियाणा में बीएलओ द्वारा एक करोड़ 14 लाख 66 हजार 128 मतदाताओं को एन्यूमरेशन (गणना) फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जो राज्य के कुल मतदाताओं का 55.51 प्रतिशत है। उन्होंने दावा किया कि अभियान को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
- एएसडी का मतलब, अबसेंट (अनुपस्थित), शिफ्टिड (स्थानांतरित), डैड-डुप्लीकेट (मरे हुए) हैं। इस श्रेणी में उन मतदाताओं को रखा जाता है जो, अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए हों। किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हों। जिनकी मृत्यु हो चुकी हो। जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने की आशंका हो। इन मामलों का सत्यापन कर मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जाता है।