हरियाणा ने भारत की जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त और हरियाणा जनगणना 2027 की नोडल अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने हरियाणा के चुने हुए कुछ क्षेत्रों में जनसंख्या गणना के प्री-टेस्ट (पूर्व-परीक्षण) को अधिसूचित कर दिया है। यह फील्ड अभ्यास 6 से 18 जुलाई, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जो कि जनगणना 2027 की देशव्यापी तैयारियों का हिस्सा है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि जनगणना प्रक्रिया को सुचारू, सटीक और कुशल बनाने की दिशा में प्री-टेस्ट एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। फील्ड गणना शुरू होने से पहले, अधिसूचित सैंपल क्षेत्रों के पात्र निवासियों को पहली से 5 जुलाई, 2026 तक सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्वयं गणना) का विकल्प था जिसके माध्यम से वे निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्वेच्छा से अपना विवरण जमा कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि फील्ड अभ्यास पूरा होने के बाद, प्री-टेस्ट के दौरान जुटाई गई जानकारी को सत्यापित, अपडेट और मान्य करने के लिए 19 से 20 जुलाई, 2026 तक एक ‘‘पुनरीक्षण दौर चलाया जाएगा।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस पायलट अभ्यास को जनसंख्या गणना की कार्यप्रणाली, डिजिटल प्रक्रियाओं, फील्ड संचालन और डेटा संग्रह तंत्र की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए तैयार किया गया है। प्री-टेस्ट से मिलने वाले अनुभव और निष्कर्ष देशव्यापी जनगणना शुरू होने से पहले परिचालन प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने, व्यावहारिक चुनौतियों की पहचान करने और पूरे ढांचे को मजबूत करने में मदद करेंगे।
उन्होंने चयनित सैंपल क्षेत्रों के सभी निवासियों से इस अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रगणकों को पूरा सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना डेटा की सटीकता, विश्वसनीयता और पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए जनता की भागीदारी बहुत जरूरी है, क्योंकि यही डेटा साक्ष्य-आधारित शासन, विकास योजनाओं और जन कल्याणकारी पहलों का आधार बनता है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 17ए और जनगणना नियम, 1990 के नियम 6डी के प्रावधानों के तहत अधिसूचना जारी की गई है जो भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत हरियाणा में इस जनसंख्या गणना प्री-टेस्ट के आयोजन को अधिकृत करती है।