भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष और महामंत्री को राज्य महिला आयोग की कमान
चंडीगढ़ 12 जून। कुरुक्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ से विवाद के चलते हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेश सरकार ने आयोग का पुनर्गठन कर दिया है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गुरुग्राम निवासी ऊषा प्रियदर्शनी को महिला आयोग की नई अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री और तोशाम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी मीना परमार उपाध्यक्ष होंगी। इनके अलावा भारती सैनी, सुनीता लोहचब, सुमन शहजादवाला, अनुकंपा गर्ग और सुनीता चौहान को सदस्य बनाया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने राज्य महिला आयोग की नई अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पांच सदस्यों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए। हालांकि रेनू भाटिया के इस्तीफे के बावजूद आयोग की अधिकृत वेबसाइट पर अभी भी अध्यक्ष के रूप में उनका नाम और फोटो ही दिख रहा है। महिला आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और अधिकतम पांच गैर-सरकारी सदस्य होते हैं। इसके अलावा पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक तथा सचिव को पदेन सदस्य और किसी महिला आइएएस या एचसीएस अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाता है।
महिला आयोग की चेयरपर्सन का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन रेनू भाटिया साढ़े चार साल तक इस पद पर रहीं। उन्होंने 19 जनवरी 2022 को चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 4(1) में स्पष्ट प्रविधान है कि आयोग की चेयरपर्सन, वाइस-चेयरपर्सन और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक नहीं हो सकता। इस आधार पर उनका कार्यकाल पिछले साल 18 जनवरी को पूरा हो गया था। हालांकि 26 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी एक पत्र के माध्यम से उनका कार्यकाल अगले आदेश तक बढ़ाया गया था, जिस पर अब विवाद छिड़ा है। नियमानुसार किसी विभागीय पत्र द्वारा कानून में निर्धारित अधिकतम कार्यकाल की सीमा को पार नहीं किया जा सकता।