विश्व रक्तदाता दिवस 2026 के अवसर पर डीएमसी एंड एच के इम्यूनोहैमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन (आईएचबीटी) विभाग द्वारा “मानवता की एक बूंद। रक्तदान करें। जीवन बचाएं।” विषय के तहत एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
इस रक्तदान शिविर का आयोजन डॉ. राजेश कुमार, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, आईएचबीटी विभाग के नेतृत्व में किया गया। शिविर का समन्वय डॉ. सोनिया गुप्ता, अतिरिक्त प्रोफेसर, डॉ. दीपिका अग्रवाल, सहायक प्रोफेसर तथा विभाग के समर्पित फैकल्टी और स्टाफ सदस्यों द्वारा किया गया।
शिविर का उद्घाटन श्री दीपक दुमरा, सदस्य, डीएमसी एंड एच प्रबंध समिति; श्री बिपिन गुप्ता, सचिव, डीएमसी एंड एच प्रबंध समिति; श्री मुकेश वर्मा, कोषाध्यक्ष, डीएमसी एंड एच प्रबंध समिति; डॉ. जी.एस. वांडर, प्रिंसिपल, डीएमसी एंड एच; डॉ. अश्वनी के. चौधरी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट; डॉ. संदीप शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट; डॉ. आशिमा तनेजा, अतिरिक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट; तथा डॉ. राजेश कुमार, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, आईएचबीटी विभाग द्वारा किया गया।
रक्तदान शिविर में डॉक्टरों, विद्यार्थियों और अस्पताल के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 345 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
अपने संदेश में डीएमसी एंड एच प्रबंध समिति के सचिव श्री बिपिन गुप्ता ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे महान सेवाओं में से एक है और यह दूसरों के प्रति करुणा और संवेदनशीलता का सच्चा प्रतीक है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों के लोगों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदाता बनने और एक स्वस्थ तथा संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
डीएमसी एंड एच के प्रिंसिपल डॉ. जी.एस. वांडर ने कहा कि रक्तदान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और मरीजों के लिए सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि रक्त की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है, लेकिन इसकी उपलब्धता पूरी तरह उन निस्वार्थ रक्तदाताओं पर निर्भर करती है जो दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं।
डॉ. राजेश कुमार ने शिविर को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी फैकल्टी सदस्यों, विद्यार्थियों, अस्पताल कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि एक यूनिट रक्तदान से तीन लोगों तक की जान बचाई जा सकती है, क्योंकि रक्त के विभिन्न घटकों का उपयोग अलग-अलग मरीजों के उपचार में किया जाता है। उन्होंने सभी से नियमित रूप से रक्तदान करने और जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग देने की अपील की।