चंडीगढ़ 26 जून । हरियाणा सरकार ने प्रदेश के खिलाड़ियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए स्पोर्ट्स ग्रेडेशन नीति में संशोधन कर हरियाणा ओलंपिक गेम्स को आधिकारिक मान्यता दे दी है। खेल एवं युवा मामले विभाग की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार अब हरियाणा ओलंपिक गेम्स के प्रदर्शन को भी स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के लिए मान्य प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा। यह संशोधन पहली नवंबर, 2025 से प्रभावी माना जाएगा। इस निर्णय को प्रदेश के हजारों खिलाड़ियों के लिए बड़ी राहत और उनके भविष्य को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। इस बदलाव से हर साल हरियाणा के पाँच हज़ार के लगभग खिलाड़ियों को फ़ायदा होगा।
ग्रेडेशन नीति में हुआ अहम संशोधन
सरकार ने वर्ष 2018 की स्पोर्ट्स ग्रेडेशन गाइडलाइन में संशोधन करते हुए प्रतियोगिताओं की सूची में श्रेणी-13 के अंतर्गत हरियाणा ओलंपिक गेम्स को शामिल किया है। अधिसूचना के अनुसार अब कई प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन को ग्रेडेशन के लिए मान्यता मिलेगी। इनमें हरियाणा स्टेट गेम्स (हरियाणा ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित), हरियाणा स्टेट चैंपियनशिप, हरियाणा स्टेट वूमेन स्पोर्ट्स, हरियाणा स्टेट खेल महाकुंभ और हरियाणा स्टेट ग्रामीण एवं पंचायत खेल शामिल हैं। इसके साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित खेल वही होंगे, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक चार्टर, भारतीय ओलंपिक संघ अथवा संबंधित विश्व खेल निकाय मान्यता देते हैं।
सरकारी नौकरियों और खेल कोटे में मिलेगा लाभ
स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट खिलाड़ियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक माना जाता है। इसी के आधार पर खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में खेल कोटा, भर्ती प्रक्रियाओं, विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा अन्य संस्थागत लाभों का पात्र माना जाता है। अब हरियाणा ओलंपिक गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी इन लाभों के लिए ग्रेडेशन का अधिकार मिलेगा, जिससे बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
हरियाणा ओलंपिक संघ के प्रयासों को मिली सफलता
खेल जगत में इस फैसले का श्रेय हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन जसविंदर सिंह ‘मीनू’ बेनीवाल के लगातार प्रयासों को दिया जा रहा है। लंबे समय से संघ की ओर से यह मांग उठाई जा रही थी कि हरियाणा ओलंपिक गेम्स को भी ग्रेडेशन नीति में शामिल किया जाए, ताकि राज्य स्तरीय बहु-खेल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी वही अवसर मिलें, जो अन्य मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों को मिलते हैं। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के बाद यह मांग पूरी हो गई है।
राज्य की खेल संस्कृति को मिलेगा नया बल
मीनू बेनिवाल ने इस बदलाव के लिए सीएम नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम का आभार जताते हुए कहा कि इस फैसले से हरियाणा ओलंपिक गेम्स की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और अधिक खिलाड़ी इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित होंगे। इससे जिला और राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा। खेल संगठनों का मानना है कि यह कदम हरियाणा की खेल संस्कृति को और सुदृढ़ करेगा तथा भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने में मददगार साबित होगा।