मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों को करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये के मुफ्त इलाज का लाभ
प्रशासनिक और चिकित्सा सेवाओं में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं एसएमओ भसीन
पंजाब सरकार द्वारा राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब सरकारी अस्पतालों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इसकी एक शानदार मिसाल खन्ना का सिविल अस्पताल है, जहां वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ. मनिंदर सिंह भसीन के नेतृत्व में लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन) सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। डॉ. भसीन अब तक 300 से अधिक सफल लैप्रोस्कोपिक सर्जरियां कर चुके हैं, जिससे सैकड़ों मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार मिला है और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।1 जनवरी 2025 से लेकर 23 जून 2026 तक यह सर्जरी की गईं।
लैप्रोस्कोपिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की एक ऐसी तकनीक है, जिसमें छोटे चीरे लगाकर ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द होता है, रक्तस्राव कम होता है और वह जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट आता है। आमतौर पर निजी अस्पतालों में इस प्रकार की सर्जरी पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन खन्ना सिविल अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यदि ये 300 से अधिक सर्जरियां निजी अस्पतालों में करवाई जातीं तो मरीजों को लगभग 1 करोड़ 35 लाख रुपये तक का खर्च उठाना पड़ता। पंजाब सरकार की जनहितैषी स्वास्थ्य नीतियों, आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों को यह उपचार पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया गया। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
डॉ. मनिंदर सिंह भसीन की विशेषता यह है कि वे केवल एक कुशल सर्जन ही नहीं हैं, बल्कि सिविल अस्पताल के एसएमओ के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्टाफ के बीच समन्वय बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद 300 से अधिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरियां करना उनके अनुभव, समर्पण और जनसेवा की भावना को दर्शाता है। डॉ. भसीन पिछले 31 वर्षों से सर्जरी के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. भसीन ने कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध, स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. हितेंद्र कौर तथा सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. रमणदीप कौर द्वारा मिले निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने इस कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की दूरदर्शी सोच और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता के कारण आज सरकारी अस्पतालों में लोगों को आधुनिक और उच्च स्तरीय उपचार नि:शुल्क उपलब्ध हो रहा है।
डॉ. भसीन ने अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी मरीजों को और बेहतर तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
खन्ना का सिविल अस्पताल आज पंजाब सरकार की स्वास्थ्य क्रांति का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है। 300 से अधिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरियों का आंकड़ा केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि इच्छाशक्ति, सक्षम नेतृत्व और सरकार के सहयोग से सरकारी अस्पताल भी निजी अस्पतालों के बराबर, बल्कि कई मामलों में उससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ. राघव अग्रवाल, डॉ. शेफाली, डॉ. नवनीत कौर, डॉ. एराजोत, डॉ. अमृतपाल कौर, डॉ. रजत सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।