केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत ने फिर मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यक्रम से दूरी बनाई
Sep6,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,6सितंबर। दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी में आयोजित मैराथन के पोस्टर पर मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम के नीचे केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत का नाम लिखा था लेकिन वे मैराथन में नहीं पहुंचे। इस तरह हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा में फिर तल्खी देखने को मिली है। रेवाड़ी में रविवार को नशे के खिलाफ मैराथन आयोजित की गई थी। इस मैराथन से केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत गायब रहे।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल किया था कि जब आप रेवाड़ी आते हैं, राव साहब दूर रहते हैं? इस पर वे बिना जवाब दिए ही आगे बढ़ गए। इससे पहले भी रेवाड़ी में नायब सैनी के दो कार्यक्रम में राव इंद्रजीत नहीं पहुंचे थे। गुरुवार को नारनौल में यादव सभा के एक कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री और राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव ने कहा था मेरे परिवार ने हमेशा इस क्षेत्र की आवाज उठाई है। ये नहीं देखा कि मेरा क्या होगा। श्रीकृष्ण जी ने कहा है, अन्याय के खिलाफ चुप मत रहों। आज कुछ लोगों के पेट में राव तुलाराम जी का नाम लेने से भी दर्द होता है।उधर, मैराथन प्रोग्राम में BJP के तीनों विधायक लक्ष्मण यादव, कृष्ण कुमार और अनिल यादव मौजूद रहे। मैराथन में मुख्यमंत्री सीएम सैनी ने भी दौड़ लगाई। मैराथन के पोस्टरों और बैनरों पर कई जगह केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत का नाम लिखा था। प्रशासन द्वारा जारी किए गए पोस्टर पर भी उनका नाम मुख्यमंत्री सैनी के ठीक नीचे लिखा था। इससे पहले 23 अगस्त और 30 जून को बावल में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हुआ था। इन कार्यक्रमों से भी राव इंद्रजीत सिंह और उनके समर्थकों ने दूरी बनाई थी। हालांकि 23 अगस्त के कार्यक्रम में क्षेत्र के तीनों विधायक आए थे। रविवार के कार्यक्रम में सीएम ने अपने संबोधन में राव तुलाराम का नाम लेकर अहीरवाल को साधने का प्रयास किया। 3 सितंबर को नारनौल में हुए यादव महासभा के एक कार्यक्रम में स्वास्थय मंत्री आरती राव भी आक्रामक अंदाज में नजर आई थीं। उन्होंने कहा था- हमारा पूरा क्षेत्र वीरों का क्षेत्र कहा जाता है। देश के लिए प्राण न्यौछावर करने के मामले में दक्षिण हरियाणा नंबर वन है। हम छाती पीट कर बोलते हैं कि दक्षिण हरियाणा से हैं।
उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि सिर कटवा सकते हैं, मगर झुका नहीं सकते। श्रीकृष्ण ने गीता में सीख दी है कि अन्याय कभी सहन मत करों। अन्याय के खिलाफ न लड़ना सबसे बड़ा पाप है। अगर, हम अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो कौन उठाएंगा।
आरती ने आगे कहा था, हमारे परिवार के कई सदस्य ऐसे रहे, जिन्होंने इस क्षेत्र की आवाज उठाई। उन्होंने अपने बारे में कभी नहीं सोचा कि आगे क्या होगा। आज ऐसा लगता है, जब राव तुलाराम जी नाम के नारे लगाते हैं, कुछ लोगों के पेट में दर्द होता है।
गुरुग्राम में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के मंच पर केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बागी तेवर दिखाए थे। यहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सामने ही उन्होंने कहा था सिर्फ पंजाबी होने के नाम पर चुनाव लड़कर देख लें, पता चल जाएगा कितने वोट मिलते हैं।
साल 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राव इंद्रजीत सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर अहीरवाल की अनदेखी और रोहतक- केंद्रित विकास के आरोप लगाकर कांग्रेस को 'बाय-बाय' कह दिया था। उन्होंने आत्मसम्मान की खातिर भाजपा का दामन थामा। भाजपा में वे लगातार रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीतते रहे, लेकिन उन्हें कभी पूर्ण कैबिनेट मंत्री का दर्जा नहीं मिला। जब भी हरियाणा में मुख्यमंत्री चुनने की बात आई, राव की दावेदारी को दरकिनार कर पहले मनोहर लाल खट्टर और फिर नायब सिंह सैनी को कमान सौंप दी गई।जिस मान-सम्मान के लिए राव ने कांग्रेस छोड़ी थी, भाजपा में 12 साल रहने के बाद भी उन्हें वही उपेक्षा और अपमान झेलना पड़ रहा है।
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