पंजाब कांग्रेस की ओर से मंगलवार को सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों को लेकर चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया गया। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिड़बा के गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के मामले का उल्लेख करते हुए मंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
वड़िंग ने शेरों गांव के मोहनजीत सिंह से जुड़े मामले का भी जिक्र किया और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने एक अन्य मामले में आरोपी को कथित संरक्षण दिए जाने के आरोपों पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की अपील की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग ने भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कथित राजनीतिक समझ को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति से जुड़े मुद्दों पर दोनों दलों के बीच किसी प्रकार का तालमेल है या नहीं, इसे लेकर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभिन्न मामलों में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया समान रूप से आगे बढ़नी चाहिए। वड़िंग ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की।
गुरप्रीत सिंह सेखों को लेकर वड़िंग ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरवाद एक गंभीर मुद्दा रहा है और राजनीतिक दलों को ऐसे मामलों में पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ अपना रुख रखना चाहिए।
वड़िंग ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़े महंगाई भत्ते के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक विचार करने और उनके जायज मुद्दों का समाधान करने की अपील की।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने और जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने का आह्वान किया। वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से जनता से जुड़े मुद्दों को सामने रखती रहेगी।
प्रदर्शन में राज्य की सभी 25 जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए। इस अवसर पर राणा के.पी. सिंह, अमित विज, बलबीर सिंह सिद्धू, ब्रह्म मोहिंद्रा, कुलजीत सिंह नागरा, शमशेर सिंह दूलो, गुरजीत औजला, दलवीर गोल्डी, डॉ. राज कुमार वेरका, हरदयाल कंबोज, कैप्टन संदीप संधू, साधु सिंह धर्मसोत सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।