राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़, 20सितंबर। हरियाणा की कैबिनेट मंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत की बेटी आरती सिंह राव ने रिंग में हेट उछाल कर मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी पेश कर दी है। दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी में मंत्री नरबीर सिंह के गांव में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के लिए भावी सीएम के नारे लगाए गए। यह भाजपा में रेवाड़ी एम्स के श्रेय को लेकर शुरू हुई होड़ मंत्री आरती राव के सीएम बनने के नारों तक पहुंच गई। पिता राव इंद्रजीत के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले मंत्री राव नरबीर के पैतृक गांव बूढ़पुर में आरती राव का भव्य स्वागत हुआ। समर्थकों ने ‘भावी मुख्यमंत्री आरती राव’ के नारे लगाए। इस पर आरती राव ने कहा, लंबी पारी खेलने आई हूं। भविष्य में कोई मौका मिलता है तो उस पर खरा उतरूंगी। हालांकि इसे उन्होंने किस्मत से जुड़ा विषय बताया।
प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ लड़ चुके हैं। 1987 में अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने राव इंद्रजीत को हराया था।स्वास्थ्य मंत्री आरती राव रेवाड़ी विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी रहे प्रशांत सनी यादव के घर शनिवार को चाय के प्रोग्राम में आई थीं। भावी मुख्यमंत्री के नारों पर उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक सफर अभी शुरू हुआ है और वह खुद भी चीजें सीख रही हैं। वह राजनीति में लंबी पारी के लिए आई हैं। पार्टी भविष्य में कोई जिम्मेदारी देती है तो उसे पूरी मेहनत से निभाएंगी। आरती राव ने कहा कि राजनीति में आने के बाद उन्हें सुनना पड़ा कि वह बड़े घराने से हैं, काम नहीं करेंगी और घर बैठकर कॉफी पिएंगी। उन्होंने बताया कि वह 18 साल तक भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा रही हैं। 45 डिग्री तापमान में भी शूटिंग की है। तब उनका लक्ष्य पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करना था।
आरती राव ने कहा कि उन्होंने 2014 और 2019 में विधानसभा चुनाव का टिकट मांगा था, लेकिन नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने भाजपा के लिए काम किया और पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में वोट मांगे। राजनीति में समय और किस्मत का भी महत्व है। बाद में उन्हें टिकट मिला, वह विधायक बनीं और अब मंत्री के तौर पर काम कर रही हैं।रेवाड़ी से भविष्य की राजनीति को लेकर आरती राव ने कहा कि यह वक्त बताएगा। फिलहाल वह अटेली की विधायक हैं और मंत्री के तौर पर पूरे प्रदेश के लोगों की सेवा कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें जितना काम किया जाए, उतना कम है। लोगों की सेवा करना पुण्य का काम है।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ‘पार्ट टाइम मुख्यमंत्री’ बताए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नायब सिंह सैनी ‘फुल टाइम मुख्यमंत्री’ हैं। उन्होंने कहा, मेरा राजनीतिक सफर अभी नया है और वह लगातार सीख रही हैं। राव नरबीर और राव इंद्रजीत दोनों भाजपा में हैं, लेकिन दोनों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पुरानी है। 1987 में जाटूसाना विधानसभा सीट पर राव नरबीर ने राव इंद्रजीत को हराकर चुनाव जीता था। करीब 10 महीने पहले एक चैनल के कार्यक्रम में कहा था कि नरबीर भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में रहा है। इस पर पलटवार करते हुए मंत्री नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में पार्टी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था- मेरा तो राजनीतिक जीवन ही राव इंद्रजीत को हरा कर शुरू हुआ है। तब मैं 26 साल का था।राव इंद्रजीत के पिता राव बीरेंद्र सिंह हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री बने थे। उनकी गिनती इंदिरा गांधी के करीबियों में होती थी। उन्होंने अपनी हरियाणा विशाल पार्टी का कांग्रेस में विलय किया था। राव इंद्रजीत उन्हीं की सियासी विरासत को बढ़ा रहे हैं। राव इंद्रजीत 6 बार के सांसद हैं।दूसरी तरफ राव नरबीर के दादा राव मोहर सिंह आजादी से पहले एम एल सी रहे हैं। उनके पिता महाबीर सिंह मंत्री रहे। राव नरबीर खुद 4 बार विधायक बने हैं और चारों बार मंत्री बने। वह जाटूसाना, सोहना और बादशाहपुर से विधायक बने हैं।