कांग्रेस ने पुलिस आयुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,24अगस्त। गुरुग्राम में पिछले दिनों कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री नायब सैनी को काले झंडे दिखाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।इस मामले में पुलिस की चूक मानते हुए एक थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है और दो पुलिस डीसीपी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।अब गुरुग्राम शहर और देहात के जिलाध्यक्ष लापता होने को लेकर सोमवार को गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर कांग्रेस की ओर से हंगामा किया गया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान समेत पार्टी के नेता-कार्यकर्ता गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर जुटे। कांग्रेस ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि दोनों जिलाध्यक्षों ने ऐसा कौन सा अपराध कर दिया था, जिसके लिए उनके साथ यह कार्रवाई की गई। जिन युवकों को पकड़ा गया, उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उन्होंने मांग की कि एफ आई आर को रद्द किया जाए और जिन पुलिसकर्मियों ने युवकों के साथ मारपीट की, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
राव नरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी। जिलाध्यक्ष वर्धन राव और पंकज डावर 4 दिन से लापता हैं। इन्होंने 21 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाए थे। पुलिस ने इन्हें हिरासत में भी लिया था।राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कांग्रेस गुरुग्राम समेत पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी। सोमवार को रेवाड़ी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किया गया, जो बेहद निंदनीय है। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताने का अधिकार है। अगर मुख्यमंत्री जहां भी जाएंगे, वहां के कांग्रेस जिलाध्यक्षों को नजरबंद किया जाएगा तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
लापता कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज डावर के परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री के विरोध के मामले में पुलिस ने 21 अगस्त को उनके बेटे को हिरासत में लिया था और अगले दिन छोड़ दिया। हालांकि, पंकज डावर अभी तक लापता हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें डर है कि अगर वे इस मामले में कुछ बोलेंगे तो पुलिस उन्हें भी हिरासत में ले सकती है। इसी वजह से वे फिलहाल मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
उधर भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ACP धर्मबीर से भी मुलाकात की और मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार, 21 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम पहुंचने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज डावर और वर्धन यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर पहुंच गए। उन्होंने मुख्यमंत्री के काफिले के सामने काले झंडे लहराए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार रात कांग्रेस के 8 कार्यकर्ताओं नीरज यादव, शिव कुमार, निखिल, अनुज, हरकेश प्रधान, अमन प्रजापति, राजीव यादव और हरेंद्र को गिरफ्तार किया। शनिवार को सचिन नाम के एक अन्य कार्यकर्ता को भी पकड़ा गया। सभी कार्यकर्ताओं को डीसीपी वेस्ट करण गोयल के सामने पेश किया गया। शनिवार शाम करीब 7 बजे उन्हें बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। दिनभर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सिविल लाइंस थाने के बाहर मौजूद रहे। डीसीपी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया है।
वहीं इस मामले में सिविल लाइंस थाने के एसएचओ समेत 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड होने वालों में सिविल लाइंस थाने में तैनात नौ पुलिसकर्मी, क्यूआरटी टीम के छह और सिक्योरिटी ब्रांच का एक एएसआई शामिल है।