कालांवाली (पवनशर्मा)- : झोरड़ खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झोरड़ ने कहा है कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान की सरकार तुरंत प्रभाव से भरपाई करे ताकि गरीब किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कालांवाली क्षेत्र के आसपास के गांवों में ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं से खेतों में खड़ी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है, विशेष रूप से पंजाब बॉर्डर से सटे इलाकों के किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है जहां एक तरफ ओलावृष्टि और तेज हवाओं भारी तबाही हुई है वहीं दूसरी तरफ कालांवाली के साथ लगते बठिंडा के गांव फुल्लोखरी स्थित गुरु गोबिंद तेल रिफाइनरी से निकलने वाला घना काला धुआं आसपास के ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। विनोद झोरड़ ने हस्सू,और देसू ,जलाल वाला,खोखर,तिगड़ी और नोरंग सहित दुर्जनों गांवों का जिक्र करते हुए कहा कि रिफाइनरी के धुएं में भारी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO₂), और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक कण होते हैं। इनके संपर्क में आने से सांस लेने में तकलीफ (अस्थमा अटैक) और फेफड़ों के संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है काफी लोगों को चर्म रोग की शिकायत हो गई है। उन्होंने सरकार से इस पर जल्द-से-जल्द ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है क्योंकि रिफाइनरी से निकलने वाले जहरीले धुएं से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव से अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों के संक्रमण ,चर्म रोग और दिल की बीमारियों की शिकायत मिल रही है । खाप नेता ने गुरु गोबिंद सिंह रिफाइनरी द्वारा लगाए जाने वाले स्वास्थ्य शिविरों पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की जांच के नाम पर एक डॉक्टर आता है सभी बीमारीयों का इलाज करता है,मेडिकल जांच की आड़ में होने वाले इस गोरखधंधे को रोकने के लिए कई स्तरों पर जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है। झोरड़ ने कहा कि रिफाइनरी ने हर गांव में पांच -पांच दस- दस अपने आदमी तैयार कर रखे जो लिख दे देते हैं कि रिफाइनरी से निकलने वाले धूंए से कोई नुक़सान नहीं होता है। झोरड़ खाप ने हरियाणा सरकार से इस पर तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता पर बल दिया है।इस अवसर झोरड़ खाप के उपाध्यक्ष मास्टर निर्मल सिंह झोरड़,महासचिव सुभाष झोरड़ ,पूर्व सरपंच बलबीर सिंह पूर्व सरपंच स्वराज सिंह ,गुरतेज सिंह,तथा सरपंच जसकरण सिंह मौजूद थे