फिल्लौर, 24 जून (नरेश शर्मा ): नगर कौंसिल फिल्लौर के प्रधान पद के लिए बुधवार को होने वाला चुनाव अंतिम समय में रोचक राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। चुनाव प्रक्रिया एसडीएम फिल्लौर दीपक भाटिया की देखरेख में संपन्न होनी थी।जानकारी के अनुसार प्रधान पद हासिल करने के लिए 9 वोटों की आवश्यकता थी।हल्का इंचार्ज हरजोत कौर लोटिया अपने साथ कौंसलर जसविंदर कौर ,कौंसलर शंकर संधू ,कौंसलर रंजीता रानी ,कौंसलर परमजीत भारती ,कौंसलर सरबजीत रानी ,कौंसलर वैभव शर्मा ,कौंसलर सुरिंदर सहोता ,कौंसलर रजनी गाबा सभी आम आदमी पार्टी और एक आज़ाद उमीदवार मंजू रानी के साथ नगर कोसल पहुंची। दुसरी और कांग्रेस से विधयाक चौधरी विक्रमजीत सिंह अपने साथ कांग्रेस के तीन ,बहुजन समाज पार्टी के दो और एक आज़ाद उमीदवार के साथ 7 लोगो के साथ नगर कोसल पहुंचे। अंदर जाते चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा जब आम आदमी पार्टी के टिकट पर पार्षद चुने गए शंकर संधू ने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के रूप में प्रधान पद की दावेदारी पेश कर दी। जिसको कांग्रेस से विधयाक चौधरी विक्रमजीत सिंह अपने साथ कांग्रेस के तीन ,बहुजन समाज पार्टी के दो और एक आज़ाद उमीदवार के साथ 7 लोगो ने समर्थन दे दिया इससे नगर कौंसिल में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए।मतों के गणित में दोनों पक्ष बराबरी पर आ गए। शंकर संधू को 8 वोटों का समर्थन प्राप्त हुआ, जबकि आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार को भी 8 वोट मिले। किसी भी उम्मीदवार को आवश्यक 9 वोट नहीं मिल सके, जिसके चलते प्रधान पद का चुनाव संपन्न नहीं हो पाया।बराबरी की स्थिति बनने और स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। प्रशासन द्वारा अब चुनाव की अगली तिथि की घोषणा बाद में किए जाने की संभावना है।चुनाव स्थगित होने के बाद नगर कौंसिल और शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों खेमे अब आगामी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में समर्थन जुटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।दीपक भाटिया एस डी एम फिल्लौर ने कहा की वोटिंग दुराण माहोल ख़राब होने के डर से चुनाव प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।फिल्लौर नगर कौंसिल के प्रधान पद को लेकर बना यह गतिरोध पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।