*बैठक में तय हुए 4 अहम सुरक्षा निर्देश:*
*1. 112 पर रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम*
आयुक्त कार्यालय ने तय किया है कि 112 हेल्पलाइन पर कोई भी संकट कॉल आने के बाद पुलिस घटनास्थल पर सबसे कम समय में पहुंचे। इसके लिए शहर के प्रमुख केंद्रों पर Emergency Response Vehicles यानी ERV को वैज्ञानिक तरीके से तैनात किया जा रहा है ताकि कुछ ही मिनटों में मदद पहुंच सके।
*2. पुलिस की दृश्यता बढ़ेगी*
जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए फोर्स की तैनाती का ऑडिट पूरा कर लिया गया है। अब भीड़भाड़ वाले बाजारों, कॉमर्शियल सेंटर और रिहायशी इलाकों में वर्दीधारी पुलिसकर्मी ज्यादा संख्या में और रणनीतिक जगहों पर तैनात दिखेंगे।
*3. वैज्ञानिक 'नाक्का' ग्रिड लागू*
सुरक्षा चौकियों 'नाक्का' की लोकेशन और कामकाज के निर्देश बदले गए हैं। जमीनी फोर्स को कहा गया है कि डिजिटल ट्रैकिंग से संदिग्ध वाहनों की सख्त जांच की जाए, लेकिन आम नागरिकों को बेवजह न रोका जाए।
*4. संवेदनशील जगहों की मैपिंग पूरी*
शहर को असामाजिक गतिविधियों से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी इमारतों और संवेदनशील स्थानों की डेटा-बेस्ड मैपिंग पूरी हो चुकी है। अब गश्त और पुलिस की तैनाती इन्हीं रियल-टाइम खतरे के आंकड़ों के हिसाब से होगी।
लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने नशे के खतरे और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त रुख दोहराते हुए लोगों से अपील की है कि वे फील्ड कर्मियों का सहयोग करें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी थाने को सूचना दें।