मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से 15 अगस्त से सरपंचों के लिए 10,000 रुपए मासिक मानदेय का ऐलान

Jun24,2026 | Parvinder Jit Singh | Bathinda


सरपंच दिन-रात गांवों की सेवा करते हैं, वे सम्मान के हकदार हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जब गांव तरक्की करेंगे तो पंजाब तरक्की करेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

लोक-हितैषी फैसले लेते रहेंगे और लोगों की भलाई के लिए काम करते रहेंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

ग्रामीण विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं, एक-एक पैसा पारदर्शी तरीके से खर्च होना चाहिए: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

गांवों का विकास ही खुशहाल और रंगला पंजाब सृजन की कुंजी है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और गांवों की नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरपंचों के मानदेय में पांच गुना वृद्धि करते हुए इसे 15 अगस्त से 2,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह करने का ऐलान किया है।
बठिंडा में सरपंच मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच दिन-रात गांवों की सेवा करते हैं और वे अपने अनमोल योगदान के लिए सम्मान के हकदार हैं।

गांवों के विकास को पंजाब की तरक्की की नींव बताते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे खुशहाल और रंगला पंजाब सृजन के सामूहिक प्रयासों का नेतृत्व करते हुए जनता के पैसे का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज हमने एक बड़ा फैसला लिया है। 15 अगस्त से पंजाब के हर सरपंच को 10,000 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। पंचायतें लोकतंत्र की पहली सीढ़ी हैं और सरपंच दिन-रात अपने गांवों की सेवा करते हैं। वे अपनी समर्पित सेवा के लिए सम्मानजनक मानदेय के हकदार हैं। यह वृद्धि उन्हें अपने परिवारों का बेहतर पालन-पोषण करने में मदद करेगी और साथ ही वे अपने गांवों के विकास के लिए और भी बड़ी प्रतिबद्धता के साथ काम करने में सक्षम होंगे। जब गांव तरक्की करेंगे तो पंजाब तरक्की करेगा। हम लोगों की भलाई के लिए काम करते रहेंगे। यही हमारा वादा है।”
सरपंच मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि सरपंचों को अगस्त माह से 10,000 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपए मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा कभी पूरा नहीं हुआ और उन्हें इसके लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी। हमारी सरकार ने सरपंचों के लिए 2,000 रुपए का मानदेय सुनिश्चित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने दावा किया, “पंचायतों को लोकतंत्र की नींव के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनमें अपार शक्ति होती है और उनके फैसलों का पूरे गांव द्वारा सम्मान और पालन किया जाता है। गांववासियों के हितों की रक्षा करना और उनकी उम्मीदों को पूरा करना सरपंचों का मूल कर्तव्य है। देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसी कारण पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र का प्रकाश पुंज माना जाता है।”
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं राज्य सरकार की लोक-हितैषी और विकास-उन्मुख योजनाओं का लाभ नीचे के स्तर तक पहुंचाने का काम करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां नीतियां सरकार द्वारा बनाई जाती हैं, वहीं सरपंच और पंच उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं सभी सरपंचों से अपील करता हूं कि वे खुद को विकास कार्यों के लिए पुनः समर्पित करें ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उन कार्यों के लिए ग्रांट जारी की जा रही हैं जो जनता के महत्व के हैं और जिनकी सीधी निगरानी पंचायतों द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा, “गांवों के विकास के विभिन्न प्रोजेक्ट भी उनके नेतृत्व में तैयार किए जाते हैं और सरपंचों को इन कार्यों और सेवाओं की तनदेही से निकट निगरानी करनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हर सरपंच का नैतिक कर्तव्य है कि वह टैक्स दाताओं के एक-एक पैसे का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित करे।”

सरपंचों को स्पष्ट संदेश देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे विकास कार्यों में किसी भी तरह की नाजायज दखलअंदाजी से दूर रहें। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अतीत में गांवों के कई विकास कार्य गुटबाजी के कारण प्रभावित हुए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए सरपंचों को गांवों में गुटबाजी समाप्त करने को मुख्य प्राथमिकता देनी चाहिए। लोकतंत्र में जो व्यक्ति या पार्टी बहुमत हासिल करती है, वह चुनाव जीत जाती है, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरपंचों को हर निवासी के साथ बराबर का सलूक करना चाहिए और निष्पक्ष होकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि कई सरपंचों ने अपनी समझदारी और दूरदर्शिता से अपने गांवों का नक्शा बदल दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरपंचों को गांवों को नशा मुक्त बनाने की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए और हमारी नौजवान पीढ़ी को नशों की लत से बचाने में मदद करनी चाहिए। उन्हें गांवों में सांप्रदायिक सद्भावना, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए भी अथक प्रयास करना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “गांवों में विकास और खुशहाली की रफ्तार को और तेज करना बेहद जरूरी है। हमारी सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरपंच सरकार और गांवों के बीच एक पुल हैं। ग्रामीण पंजाब के विकास और परिवर्तन में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है।”
सरपंचों को पूर्ण सहयोग का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि गांवों में विकास कार्यों के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांवों में विकास प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दें ताकि राज्य सरकार बिना किसी देरी के इन्हें शुरू कर सके।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी सरपंचों को रचनात्मक पहलकदमियों के माध्यम से गांवों का नक्शा बदलने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि हम सब मिलकर रंगला पंजाब सृजित कर सकें। उन्हें गांवों को साफ-सुथरा, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी सख्त मेहनत करनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरपंच का चुनाव राज्य की सबसे कठिन चुनाव होता है क्योंकि सरपंच सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहते हैं। एक योग्य सरपंच गांव का नक्शा बदल सकता है और गांववासियों की खुशहाली सुनिश्चित कर सकता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह सरपंच मिलनी गांव स्तर की समस्याओं को समझने के लिए एक अनूठी पहल है। ग्रांटों की कोई कमी नहीं है, लेकिन गांवों की भलाई के लिए इनका सही मायने में उपयोग होना चाहिए। ईमानदार और समर्पित सरपंच गांव के विकास की रीढ़ की हड्डी होते हैं। पिछली सरकारें गांवों की ग्रांटों में हिस्सा लेती थी, जिस कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गांवों में बड़ी मात्रा में ग्रांट पहुंच रही हैं और वह दिन दूर नहीं जब पूरे पंजाब के गांवों का पूर्ण कायाकल्प देखने को मिलेगा। इन फंडों का उपयोग ऐसे तरीके से किया जाना चाहिए जिससे समाज के हर वर्ग को फायदा हो। गलियों जैसे अन्य कामों को हाथ में लेने से पहले लाइब्रेरी, स्कूलों का निर्माण और सोलर लाइटें लगाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंत में कहा, “पंजाब के विकास को तेज करने और राज्य को देश में अग्रणी बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है। हमारी सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास और लोगों की खुशहाली के लिए सरपंचों को पूरा सहयोग देगी।”

Cm-Bhagwant-Singh-Mann-Announces-10-000-Monthly-Honorarium-For-Sarpanches-From-August-15



TOP HEADLINES


हरियाणा सरकार की ‘सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना’ से लाखों
*लुधियाना: अप्लाइड फॉर वाली नंबर प्लेट वाली फॉर्च्यूनर
इसराना विधानसभा के मडलौडा गाँव को मुख्यमंत्री ने दी बड़
ओएनजीसी की मदद से पीजीआईएमएस रोहतक में कैंसर उपचार सुव
महापुरुषों के आदर्शों से ही समाज को नई दिशा दी जा सकती
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से 15 अगस्त से सरपंचो
*लुधियाना: प्रॉपर्टी डीलर के घर पर रात को ताबड़तोड़ फा
*मुझे बदनाम करने के लिए बनाई गई फर्जी वीडियो: मुख्यमंत
वीडियो को डीपफेक बताने के लिए फर्जी रिपोर्ट तैयार करान
*विधायक कुलदीप धालीवाल ने भगवंत मान सरकार की उपलब्धियो
*अकाली दल की फर्जी वीडियो मुहिम ने उनकी घबराहट को किया
पंजाब को खोई हुई शान हासिल करने का समय आ गया : मुख्यम
बैकफिंको द्वारा पिछड़ी श्रेणियों और अल्पसंख्यक वर्ग के
*एस.आई.आर. के तहत पंजाब राज्य में कल (25 जून) से शुरू
*देखभाल से करियर तक: ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम्स के बच्
नगर कौंसिल फिल्लौर के प्रधान पद का चुनाव टला, बराबरी क
*प्रवासी पंजाबियों की समस्याओं का पारदर्शी, निष्पक्ष औ
ढिल्लों जी के पत्र पर मोदी सरकार का तुरंत एक्शन — पंज
*कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा फरीदकोट विधान
परिवहन विभाग को फीस के युक्तिकरण और नियामकीय सुधारों प

Run by: WebHead
National Punjab International Sports Entertainment Health Business Women Crime Life style Media Politics Religious Technology Education Nri Defence Court Literature Citizen reporter Agriculture Environment Railway Weather Sikh Animal Pollution Accident Election Mc election 2017-18 Local body Art Litrature Financial Tax Happy birthday Marriage anniversary Transfer Lok sabha election-2019 Uttar pradesh Kisan andolan Haryana

About Us


Jagrati Lahar Editor Image

Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 50590030

Hindi news rss fee image RSS FEED

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008.
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com
Share your info with Us