*पंजाब में दशकों बाद पहली बार भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई: बरिंदर कुमार गोयल*

Aug31,2026 | Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh



*भूजल दोहन की दर वर्ष 2022 के 164 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2026 में 152.22 प्रतिशत हुई; अति-शोषित ब्लॉकों की संख्या 117 से घटकर 110 और सुरक्षित ब्लॉकों की संख्या 17 से बढ़कर 20 हुई*

*नहरी सिंचाई के लिए पंजाब के निरंतर प्रयासों के प्रत्यक्ष परिणाम सामने आने लगे: बरिंदर कुमार गोयल*

*नहरी नेटवर्क के विस्तार और सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 7,500 करोड़ रुपये खर्च; नहरी पानी का उपयोग 26 प्रतिशत से बढ़कर 82 प्रतिशत हुआ*

*किसानों की भूजल पर निर्भरता घटने से बिजली की 16 प्रतिशत बचत हुई; 510 से अधिक रिचार्ज योजनाओं के चलते 38 लाख घन मीटर भूजल रिचार्ज हुआ: बरिंदर कुमार गोयल*

*चंडीगढ़; 31 अगस्त:*


पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज बताया कि राज्य के भूजल स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी 2026 के ताजा आकलन के अनुसार दशकों बाद पहली बार राज्य में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि भूजल के दोहन की दर वर्ष 2022 के 164 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2026 में 152.22 प्रतिशत रह गई है, जबकि आकलन किए गए अति-शोषित ब्लॉकों की संख्या 117 से घटकर 110 हो गई है और सुरक्षित ब्लॉकों की संख्या 17 से बढ़कर 20 हो गई है।

यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, "केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी ताजा आकलन में दर्ज किया गया सुधार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाकर भूजल संरक्षण के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।"

जल संसाधन मंत्री ने कहा कि ताजा भूजल आंकड़े हमारे प्रयासों के महत्व को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, "भूजल निकालने की वार्षिक दर वर्ष 2022 के 28.02 बिलियन क्यूबिक मीटर (बी.सी.एम.) से घटकर वर्ष 2026 में 26.32 बिलियन क्यूबिक मीटर (बी.सी.एम.) रह गई है, जबकि भूजल के समग्र स्तर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।"

मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, "यह पंजाब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। दशकों से भूजल स्तर में लगातार गिरावट आ रही थी। यह पहली बार है कि हमने इसमें वृद्धि दर्ज की है।"

उन्होंने कहा कि पंजाब में भूजल संबंधी 153 ब्लॉकों को सुरक्षित, अर्ध-गंभीर, गंभीर और अति-शोषित ब्लॉकों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने बताया, "ताजा आकलन के अनुसार पहले अति-शोषित और गंभीर श्रेणी में आने वाले कई ब्लॉकों में पानी के स्तर में सुधार हुआ है और वे बेहतर श्रेणियों में आ गए हैं।"

पानी के स्तर में हुए सुधार के बारे में जानकारी देते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 की तुलना में 14 ब्लॉक बेहतर श्रेणी में आ गए हैं, जिनमें से चार ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में आए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार फाजिल्का का अर्नीवाला शेख सुभानपुर अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और इस क्षेत्र में वर्ष 2025 के दौरान भूजल निकालने की दर 73.34 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2026 में 64.38 प्रतिशत हो गई है। फिरोजपुर का मखू अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल निकालने की दर 77.85 प्रतिशत से घटकर 66.82 प्रतिशत हो गई है। इसी तरह होशियारपुर का हाजीपुर अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और यहां पानी निकालने की दर 81.67 प्रतिशत से घटकर 62.16 प्रतिशत रह गई है, जबकि पठानकोट का नरोट जैमल सिंह अर्ध-गंभीर से सुरक्षित श्रेणी में आ गया है और यहां पानी निकालने की दर 70.94 प्रतिशत से घटकर 66.47 प्रतिशत रह गई है।

इसी तरह बाकी 10 ब्लॉकों के वर्गीकरण में भी सुधार दर्ज किया गया है। फिरोजपुर गंभीर से अर्ध-गंभीर श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल निकालने की दर 94.49 प्रतिशत से घटकर 76.66 प्रतिशत रह गई है; ममदोट गंभीर से अर्ध-गंभीर श्रेणी में आ गया है, जिसमें भूजल निकालने की दर 99.85 प्रतिशत से घटकर 86.59 प्रतिशत रह गई है; गुरदासपुर अति-शोषित से गंभीर श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल की निकासी 110.70 प्रतिशत से घटकर 92.93 प्रतिशत हो गई है तथा काहनूवान अति-शोषित से गंभीर श्रेणी में आ गया है और यहां भूजल निकालने की दर 101.04 प्रतिशत से घटकर 98.01 प्रतिशत रह गई है।

इसी तरह श्री हरगोबिंदपुर में पानी निकालने की दर 95.53 प्रतिशत से घटकर 75.54 प्रतिशत होने से यह 'गंभीर' से 'अर्ध-गंभीर' श्रेणी में आ गया है; भुंगा 92.14 प्रतिशत से घटकर 84.17 प्रतिशत होने के साथ गंभीर से अर्ध-गंभीर; होशियारपुर-2 97.81 प्रतिशत से घटकर 78.53 प्रतिशत होने के साथ गंभीर से अर्ध-गंभीर; माहिलपुर 109.86 प्रतिशत से घटकर 92.23 प्रतिशत होने से 'अति-शोषित' से गंभीर; कोट ईसे खां (धर्मकोट, मोगा) 114.32 प्रतिशत से घटकर 97.67 प्रतिशत होने से अति-शोषित से गंभीर और एस.बी.एस. नगर का औड़ ब्लॉक 90.84 प्रतिशत से घटकर 89.91 प्रतिशत होने के साथ गंभीर से अर्ध-गंभीर श्रेणी में आ गया है।

बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि अन्य 95 ब्लॉकों में भी विभिन्न स्तरों पर सुधार देखने को मिला है। परिणामस्वरूप भूजल की स्थिति के संबंध में राज्य के कुल 153 आकलन किए गए ब्लॉकों में से 109 ब्लॉकों में सुधार दर्ज किया गया है, जिसे उन्होंने राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

इन 95 ब्लॉकों में से तीन ब्लॉकों में 30 प्रतिशत से अधिक सुधार दर्ज किया गया है, सात में 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत के बीच, 23 में 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच, जबकि 62 ब्लॉकों में 0 प्रतिशत से 10 प्रतिशत के बीच सुधार दर्ज किया गया है।

जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पंजाब में भूजल की स्थिति में यह सुधार भूजल रिचार्ज में वृद्धि और पानी निकालने की दर में कमी के संयुक्त प्रयासों के कारण संभव हुआ है। उन्होंने कहा, "नहरी पानी के बेहतर उपयोग, सिंचाई ढांचे के नवीनीकरण और विस्तार, जल संरक्षण तथा रिचार्जिंग उपायों ने सामूहिक रूप से इस सकारात्मक बदलाव में योगदान दिया है।"

उन्होंने कहा कि नहरों की बड़े स्तर पर बहाली और नवीनीकरण, खालों की मरम्मत और विस्तार, पाइपलाइन बिछाने तथा टेलों पर स्थित हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने से राज्य के भूजल संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिली है।

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, "हमारा उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था: नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाना ताकि किसानों को पूरी तरह भूजल पर निर्भर न रहना पड़े। यह केवल सिंचाई से जुड़ा कदम नहीं है; यह आने वाली पीढ़ियों के लिए पंजाब के जल भंडारों को सुरक्षित करने का भी एक प्रयास है।"

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान भूजल की स्थिति काफी चिंताजनक हो गई थी क्योंकि पंजाब में भूजल स्तर लगातार गिर रहा था। उन्होंने आगे कहा, "इसलिए पंजाब सरकार ने उपलब्ध नहरी पानी के उपयोग को बढ़ाने और पूरे राज्य में नहरी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ठोस रणनीति अपनाई।"

जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि नहरी पानी का उपयोग, जो वर्ष 2022 तक केवल लगभग 26 प्रतिशत था, अब बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा, "इस बड़े बदलाव को लाने के लिए पंजाब सरकार ने लगभग 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और हजारों किलोमीटर खालों तथा अन्य सिंचाई ढांचे का निर्माण और सुदृढ़ीकरण किया गया है।"

उन्होंने कहा कि राज्य के जल भंडारों में जमा पंजाब के हिस्से के पानी के उचित उपयोग को भी मुख्य प्राथमिकता बनाया गया। उन्होंने आगे कहा, "पंजाब में 1117 नहरें और माइनर हैं, जिनका उपयोग पहले उनकी मूल क्षमता से काफी कम हो रहा था।"

मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि हालांकि नहरी प्रणाली की पानी ले जाने की क्षमता लगभग 36,000 क्यूसेक है, लेकिन पंजाब इस वर्ष 1 जून से नियमित रूप से लगभग 39,000 क्यूसेक नहरी पानी की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने कहा, "नहरी पानी की बढ़ी हुई उपलब्धता ने कई क्षेत्रों के किसानों को ट्यूबवेलों के माध्यम से भूजल निकालने के बजाय नहरी पानी के उपयोग से धान की खेती करने में सक्षम बनाया है।"

उन्होंने कहा कि नहरी पानी को सीधे खेतों तक पहुंचाने से भूजल बचाने और बिजली की खपत कम करने में एक साथ मदद मिली है, जिससे भूजल निकालने पर निर्भरता कम होने के कारण राज्य में बिजली की लगभग 16 प्रतिशत बचत दर्ज की गई है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, "जब नहरी पानी किसान के खेत तक पहुंचता है तो इससे न केवल भूजल की बचत होती है, बल्कि पंपिंग पर खर्च होने वाली बिजली की खपत भी कम होती है। यह किसान और पंजाब के जल संसाधनों, दोनों के लिए अधिक लाभकारी साबित हुआ है।"

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि किसानों को अब फसलों के लिए नहरी पानी की उपलब्धता में सुधार के माध्यम से बड़े स्तर पर लाभ हो रहा है और इसके साथ ही भूजल निकालने के लिए बिजली की होने वाली खपत भी कम हुई है।

उन्होंने कहा कि भूजल रिचार्ज में हुई वृद्धि ने भी इस सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके तहत पूरे राज्य में 510 से अधिक रिचार्ज योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा, "इनमें तालाबों, नहरों पर आधारित रिचार्ज ढांचे और खंबाती कुओं के माध्यम से रिचार्ज शामिल हैं। इन योजनाओं ने मिलकर लगभग 38 लाख घन मीटर भूजल के रिचार्ज में योगदान दिया है, जो सिसवां बांध की भंडारण क्षमता से अधिक है।"

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से भूजल के संरक्षण को और मजबूती मिलेगी और आने वाले वर्षों में भूजल निकालने की दर को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भूजल का संरक्षण पंजाब के लिए केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि यह देश की खाद्य सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, "पंजाब केंद्रीय अन्न भंडार में बड़ा योगदान देता है और इसने ऐतिहासिक रूप से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए भूजल की रक्षा करना सीधे तौर पर देश की खाद्य सुरक्षा की रक्षा से जुड़ा हुआ कदम है।"

उन्होंने कहा कि यदि भूजल का चिंताजनक ह्रास बिना रोक-टोक जारी रहता तो यह न केवल पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, "इसलिए पंजाब सरकार ने आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के जल संसाधनों के संरक्षण हेतु निर्णायक कदम उठाए हैं।"

जल संसाधन मंत्री ने कहा कि भूजल के ताजा आंकड़े पंजाब के लिए उत्साहजनक हैं और नहरी सिंचाई तथा भूजल संरक्षण के उपायों को और बढ़ाने के सरकार के संकल्प को मजबूत करते हैं। उन्होंने आगे कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार टिकाऊ जल प्रबंधन और राज्य के कृषि भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

इस अवसर पर शेर सिंह, मुख्य अभियंता (नहर एवं भूजल), मनोज बांसल, निगरान अभियंता (भूजल) सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
---------

-punjab-groundwater-waterconservation-canalirrigation-punjabgovernment



TOP HEADLINES


*मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सेप्सिस और सेप्टिक शॉक
लुधियाना में Aap-bjp आमने-सामने, भाजपा दफ्तर के बाहर ब
सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि देने के विरोध में Aap का लु
*जनता का पैसा जनता को वापस दे रही ‘‘आप’’ सरकार- भगवंत
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट चुनाव में एएसएपी का शानदार
कानून से ऊपर कोई नहीं, पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़ि
2027 के मैनीफैसटो की शुरुआत अमृतसर से; जनता और नेता मि
Ncsc के गिरफ्तारी आदेश पर भड़के राजा वड़िंग, बोले- मुद
*पंजाब में दशकों बाद पहली बार भूजल स्तर में वृद्धि दर्
कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ और इंदु नरवाल के खिलाफ वि
आठ महीनों में 85,000 से अधिक बच्चे छतबीड़ चिड़ियाघर दे
जनकपुरी में तड़के घर के बाहर खड़ी इंश्योरेंस मैनेजर की
Pu छात्र परिषद चुनाव में Abvp की जीत, अंकित बिधान अध्य
राज़ा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ीं, 5 दिन में आरोपियों की
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी कांग्र
विधानसभा हलका फिल्लौर से सरवण सिंह फिल्लौर पुनर्जीवित
सेंट्रल ग्राउंडवाटर बोर्ड का डेटा इस बात का सबूत है कि
Abvp की जीत पर Aap/asap का बड़ा सवाल: विवादित दस्तावेज
अकाली दल ने 8 जिलों में जनरल काउंसिल सदस्यों का किया ऐ
Suntec City मामले में Ed के सामने पेश नहीं हुए अनुराग

Run by: WebHead
National Punjab International Sports Entertainment Health Business Women Crime Life style Media Politics Religious Technology Education Nri Defence Court Literature Citizen reporter Agriculture Environment Railway Weather Sikh Animal Pollution Accident Election Mc election 2017-18 Local body Art Litrature Financial Tax Happy birthday Marriage anniversary Transfer Lok sabha election-2019 Uttar pradesh Kisan andolan Haryana

About Us


Jagrati Lahar Editor Image

Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 51639865

Hindi news rss fee image RSS FEED

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008.
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com
Share your info with Us