देश की सीमाओं पर तैनात सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को अब अपने गृह जिलों में चल रहे पुलिस विभाग से जुड़े मामलों के लिए छुट्टी लेकर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पुलिस जिला खन्ना द्वारा जवानों की सुविधा और उन्हें ड्यूटी के दौरान ही न्याय उपलब्ध करवाने के लिए एक अनोखी और सराहनीय पहल की गई है। एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में “सैनिक समाधान प्रयास” नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान अपनी शिकायतों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से करवा सकेंगे। देश के सैनिक सोमवार से शुक्रवार तक ई-मेल के जरिए शिकायत भेज सकेंगे, जबकि केवल शनिवार को दो घंटे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई की जाएगी।इस संबंध में जानकारी देते हुए एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं या दूर-दराज क्षेत्रों में तैनात जवान छुट्टी न मिलने या ड्यूटी की मजबूरियों के कारण अपने गृह जिलों में चल रहे मामलों की पैरवी नहीं कर पाते। इसके चलते कई बार उनकी शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहती हैं और उन्हें मानसिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए खन्ना पुलिस ने तकनीक और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की है।एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि इस योजना के तहत विशेष तौर पर एक आधिकारिक ई-मेल आईडी
ssu.khanna@punjabpolice.gov.in जारी की गई है। इस ई-मेल के जरिए सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान अपनी शिकायतें, आवेदन या अन्य जानकारी सीधे पुलिस जिला खन्ना को भेज सकेंगे। इससे बिना शारीरिक रूप से उपस्थित हुए भी मामले की प्रारंभिक जांच और कार्रवाई तुरंत शुरू की जा सकेगी।उन्होंने बताया कि प्रत्येक शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक वीडियो कॉल के माध्यम से शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। इस दौरान सैनिकों से स्वयं एसएसपी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। इससे न केवल जवानों को सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी मिलेगा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और हल किया जा रहा है।डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद संबंधित गजटेड अधिकारी या एसएचओ को लिखित निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि मामलों का जल्द और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही “सैनिक समाधान डैशबोर्ड” भी तैयार किया गया है, जिसकी निगरानी एसपी हेडक्वार्टर द्वारा नोडल अधिकारी के रूप में की जाएगी।डैशबोर्ड में प्राप्त शिकायतों, उनकी मौजूदा स्थिति और लंबित मामलों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। हर 15 दिन बाद एसएसपी स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे, ताकि किसी भी शिकायत के निपटारे में अनावश्यक देरी न हो और जवानों को समय पर न्याय मिल सके।पुलिस जिला खन्ना की यह पहल केवल तकनीक के सही इस्तेमाल की मिसाल ही नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे जवानों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना भी दर्शाती है। “सैनिक समाधान प्रयास” के जरिए अब सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान घर से दूर रहते हुए भी अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।