हरियाणा में गैंगस्टरों के आतंक से कोहराम प्रॉपर्टी डीलर के परिजनों और ग्रामीणों ने की सड़के जाम
Sep4,2026
| Rajender Singh Jadon | Chandigarh
मृतक के परिजन यूपी के योगी शासन को याद कर रहे
राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,4सितंबर। हरियाणा में गैंगस्टरों के आतंक से कोहराम मचा है। दिल्ली के नरेला में जब गुरुवार सुबह जिम के बाहर सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की गई लगभग उसी समय यमुनानगर में जिम के बाहर फाइनेंसर हरभजन सिंह की हत्या की गई।
गैंगस्टरों के हाथों मारे गए सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद (40) के परिजन हत्यारों के एनकाउंटर की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर कुंडली-सिंघु रोड जाम कर दी। ट्रैक्टर-ट्राली पर गांव की सैकड़ों महिलाएं भी पहुंची हैं। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सोनीपत पुलिस के कई जवान यहां तैनात किए गए हैं। वहीं, हंगामे के दौरान परिवार की एक महिला बेहोश हो गई।
प्रमोद के बड़े भाई विनोद ने रोते हुए कहा- देश में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही गरीब के बच्चों को न्याय दिला सकते हैं। नाहरी गांव के बेटे का घर उजड़ गया। हमे बस न्याय दे दो। जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होगा, वे शव नहीं लेंगे। परिजनों ने कहा कि प्रमोद को पहले से ही हत्या की आशंका थी। उन्होंने अपनी डिफेंडर और एंडेवर कार को मोडिफाई कराकर बुलेटफ्रूफ करवाया था। गुरुवार को प्रमोद बुलेटप्रूफ की बजाए स्कॉर्पियो से जिम गए थे। गाड़ी से उतरते ही 2 शूटरों ने उन पर गोलियां बरसा दीं। 16 गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
- सोनीपत के नाहरी गांव के रहने वाले प्रमोद के पिता डिफेंस में नौकरी करते थे। उनकी 75 वर्षीय मां साबो देवी रोते हुए कहती है- वह नौंवी में पढ़ता था। उसके बाब्बू (पिता) का निधन हो गया था। इसके बाद बड़े बेटे विनोद को नौकरी मिली थी, जिससे घर का चूल्हा चला। मां साबो ने बताया कि प्रमोद ने 12वीं करने के बाद परिवार की मदद के लिए प्राइवेट बस में कंडक्टर की नौकरी शुरू की। इसके बाद उसने ठेके पर बस ली और दिल्ली में बसें चलाईं। कुछ समय बाद उसने डिफेंस में कांट्रेक्ट बेस पर ड्राइवर की नौकरी भी की।
साबो देवी के अनुसार, करीब 15 साल पहले प्रमोद ने नौकरी छोड़कर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था। इसके दम पर ही उन्होंने गांव में एक आलीशान मकान, ऑफिस और 'मुकुल' नाम से एक मैरिज हॉल बनाया।
उधर यमुनानगर में जिम के बाहर फाइनेंसर हरभजन सिंह (65) को गोलियों से भूनने के मामले में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने हलचल मचा दी है। दावा है कि ये पोस्ट गैंगस्टर शुभम पंडित और रोहित गोदारा गैंग की है। इस पोस्ट में गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह का जिक्र है। दिलबाग सिंह इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला के समधी हैं। दिलबाग की बेटी जैसमीन की शादी रानिया विधायक अर्जुन चौटाला के साथ हुई है। पोस्ट में दावा है कि हरभजन हमारे दुश्मन पूर्व विधायक दिलबाग सिंह का खास बन रहा था। जितने भी दिलबाग सिंह के खास हैं, सब तैयार हो जाओ। उसके साथ पानी पीने वाले को भी नहीं छोड़ेंगे। लिस्ट में सबके नाम दिए हैं। फाइनेंसर के बेटे ने भी पुलिस को दिए बयान में पिता के पूर्व विधायक के साथ पारिवारिक संबंध बताए। उन्होंने आशंका जताई कि दिलबाग सिंह की जिस गैंग से दुश्मनी है, उसी गैंग ने पिता की हत्या कराई। यमुनानगर पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने मीडिया को बताया कि पुलिस इस पोस्ट की जांच कर रही है। हरभजन सिंह पूर्व विधायक के करीबी थे, इसलिए पुलिस इस एंगल को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। इंस्टाग्राम पर शुभम पंडित नाम के अकाउंट से शेयर की गई पोस्ट में लिखा- ''जय बजरंगबली राम-राम भाइयों। जो यमुनानगर के मॉडल टाउन में जिम के बाहर हरभजन सिंह का मर्डर हुआ है। उसकी जिम्मेदारी शुभम पंडित और रोहित गोदारा ग्रुप लेते हैं। हरभजन सिंह हमारे दुश्मन विधायक दिलबाग सिंह का खास बन रहा था। इसी कारण इसको यह सजा मिली है और जितने भी दिलबाग के खास हैं, सारे तैयार रहो। नंबर सबका लगेगा। हमारी लिस्ट में सभी के नाम हैं। जो भी विधायक के साथ पानी तक पिएगा, वह हमारा दुश्मन होगा।"पोस्ट के अंत में काला राणा ग्रुप व गोगी मान ग्रुप समेत अन्य कई नाम लिखे हुए हैं।
- हरभजन सिंह रोजाना की तरह गुरुवार सुबह मॉडल टाउन स्थित जिम में एक्सरसाइज करने गए थे। करीब 7 से 7:30 बजे के बीच वह जिम से बाहर निकले और अपनी गाड़ी की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।अचानक हुई फायरिंग से बचने के लिए हरभजन सिंह अपनी गाड़ी की तरफ भागे। इस दौरान उनकी गाड़ी के बोनट पर भी गोली लगी। वह गाड़ी के पास पहुंचे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। जमीन पर गिरने के बाद भी शूटरों ने उन पर फायरिंग जारी रखी। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से करीब 17 राउंड फायरिंग के सबूत मिले हैं। हरभजन सिंह के शरीर में 3 गोलियां फंसी मिली हैं, जबकि शरीर पर कई छर्रे भी लगे हैं। सिर में गोलियां लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। एक फुटेज में बाइक पर सवार दो युवक नजर आए हैं। दोनों ने चेहरे पर भगवा रंग का कपड़ा लपेट रखा था। पुलिस उनकी पहचान और वारदात में इस्तेमाल बाइक के बारे में जानकारी जुटा रही है।प्रेमनगर निवासी हरभजन सिंह फाइनेंस और ट्रांसपोर्टर का काम करते थे। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा दिलबाग सिंह उनके साथ ही फाइनेंस का काम संभालता रहा। वहीं, दूसरा बेटा जैल्ली सिंह 3 साल से ऑस्ट्रेलिया में रहता है।
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