एसएसपी डा. दर्पण आहलूवालिया की अगुवाई में केस की जांच और तेज, गहराई से जांच कर रही टीमें
खन्ना पुलिस ने “गैंगस्टरों पर वार” मुहिम के तहत पायल अनाज मंडी फायरिंग केस में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद शफीक निवासी पद्दी, तहसील डेहलों, जिला लुधियाना, उमर रफी निवासी पद्दी, तहसील डेहलों, जिला लुधियाना और शरीफ अली निवासी गांव बांदेवाला, जिला रोपड़ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार शरीफ अली के खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि मोहम्मद शफीक पर कत्ल का मामला भी दर्ज है। कत्ल केस में मोहम्मद शफीक सजा काट रहा है। वह पैरोल पर बाहर आया था। इस कार्रवाई को एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया के सख्त और प्रभावी नेतृत्व का परिणाम माना जा रहा है। उनकी अगुवाई में खन्ना पुलिस लगातार गैंगस्टर तत्वों पर शिकंजा कस रही है। एसपी (डी) पवनजीत सिंह और डीएसपी (डी) मोहित कुमार सिंगला के निर्देशन में सीआईए स्टाफ, थाना पायल, दोराहा और नारकोटिक्स सेल की टीमों ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच तेज गति से आगे बढ़ाई जा रही है और गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में अहम सुराग हाथ लगे हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और विदेशों तक जुड़े हैं। पायल फायरिंग केस में उक्त तीनों आरोपियों ने अन्य आरोपियों का साथ दिया। एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि खन्ना पुलिस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने टीमों की सराहना करते हुए कहा कि लगातार मेहनत और सूझबूझ से यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।खन्ना पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ा है। गौरतलब है कि 14 अप्रैल 2026 को पायल की दाना मंडी में एक आढ़ती की दुकान पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर विशेष टीमें गठित कीं। जांच के दौरान उमेश कुमार उर्फ छागा को गिरफ्तार किया गया, जिसने अपने साथी गौरव उर्फ गोला के साथ वारदात को अंजाम देने की बात कबूली। जांच में सामने आया कि इस गिरोह को विदेश में बैठे शगनप्रीत सिंह और उसका भाई जगप्रीत सिंह संचालित कर रहे थे। गैंगस्टर डोनी बल से फोन करवाकर धमकी दिलाते थे। फिरौती मांगते थे। इस केस में पुलिस ने शगनप्रीत सिंह के पिता सौदागर सिंह सराओ को गिरफ्तार पहले कर लिया था। पायल फायरिंग वारदात से पहले आरोपियों ने रेकी की थी और योजना बनाकर हमला किया गया।