गुप्त सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गिल चौक के पास एक दुकान पर अचानक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग 1,500 किलो संदिग्ध देसी घी बरामद किया, जिसे खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए संग्रहित और वितरित किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह सामग्री हाल ही में किसी अन्य राज्य से लाई गई थी और लुधियाना के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही थी। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आगे की जांच जारी है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल चार सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भरे। इनमें दो सैंपल देसी घी के, एक सैंपल स्किम्ड मिल्क का जो एक्सपायर पाया गया, और एक सैंपल मल्टी-सोर्स खाद्य तेल का शामिल है। मौके पर यह भी पाया गया कि कुछ उत्पाद वर्ष 2024 में ही एक्सपायर हो चुके थे, फिर भी उन्हें वितरण के लिए रखा गया था।
यह छापेमारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला, फूड सेफ्टी अधिकारी योगेश गोयल और जतिंदर विरक की अगुवाई में की गई।
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रमणदीप कौर ने कहा, “विभाग आम जनता को उपलब्ध खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने कहा, “जब्त सामग्री और लिए गए सैंपलों की पूरी तरह जांच की जाएगी। लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के लिए निरंतर निगरानी जारी रखी जाएगी।”
स्वास्थ्य विभाग द्वारा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और आगे की जांच जारी है।