भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष,पूर्व मंत्री मनोरजंन कालिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान,अरुणेश मिश्रा,जिला महामंत्री सरदार नरेंद्र सिंह मल्ली, यशपाल जनोत्रा, उपाध्यक्ष महेश शर्मा, डाक्टर निर्मल नय्यर,मनीष चोपड़ा,नवल जैन, प्रेस सचिव डा.सतीश कुमार,सोशल मीडिया सचिव राजन पांधे मौजूद थे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मनोरजन कालिया जी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सितंबर 2023 में संसद में सर्व समिति से पारित करवाने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है इसके साथ ही लोकसभा और राज्यसभा विधान सभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का 1996 से चला आ रहा 27 वर्षों का वैधानिक संघर्ष समाप्त हो गया है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो सत्ताधारी दलों द्वारा इसे पारित करने के लिए कई प्रयास किए गए चाहे वह यूनाइटेड फ्रंट सरकार के दौरान हो, भाजपा सरकार के दौरान चार बार हो या यूपीए-2 में सरकार के दौरान लेकिन सभी प्रयास निष्फल रहे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोरंजन कालिया ने कहा कि यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि नारी शक्ति वंदन अभियान (जो 15 वर्षों की अवधि के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता है ) को संविधान (106 वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के रूप में पारित किया गया था।यह अधिनियम अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा हुआ है नवीनतम जनगणना 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है जनगणना के अंतिम आंकड़े प्रकाशित करने में चार वर्ष का समय लगता है यानी 2030 तक उसके पश्चात परिसीमन की प्रक्रिया को पूरा करने में 3 से 5 वर्ष का समय लगता है। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का लाभ धरातल पर 2036 के बाद ही आएगा उससे पहले नहीं भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने 131वें संवैधानिक संशोधन के माध्यम से इस 33% आरक्षण के लाभ को जल्द से जल्द,यानी 2019 के आम चुनावों के दौरान ही लागू करने का प्रयास किया था लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया। परिणामस्वरूप उक्त संविधानिक संशोधन 17 अप्रैल 2026 को पारित नहीं किया जा सका। अतः,कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का यह है कृत्य महिला विरोधी है।