कथित आईफोन/मोबाइल घोटला : Ed द्वारा चार्जशीट दायर- संजीव अरोड़ा को बताया मास्टरमाइंड
Jul10,2026
| Jagrati Lahar Bureau | Ludhiana
कथित आईफोन/मोबाइल घोटला : ED द्वारा चार्जशीट दायर- संजीव अरोड़ा को बताया मास्टरमाइंड
*चंडीगढ़/नई दिल्ली*: पंजाब में करीब 100 करोड़ रुपये के कथित आईफोन/मोबाइल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दायर कर दी है। ED ने इस मामले में पंजाब सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और AAP नेता संजीव अरोड़ा को पूरे रैकेट का "मास्टरमाइंड" बताया है।
*क्या है पूरा मामला?*
ED की जांच के मुताबिक संजीव अरोड़ा और उनकी कंपनी `हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड` ने दिल्ली की गैर-मौजूद फर्जी कंपनियों के जरिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के मोबाइल फोन खरीद के नकली बिल बनाए।
एजेंसी का आरोप है कि:
- *फर्जी एक्सपोर्ट*: कागजों पर 103 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन दुबई एक्सपोर्ट दिखाए गए, जबकि हकीकत में कोई माल बाहर नहीं भेजा गया।
- *GST का फर्जीवाड़ा*: इन फर्जी बिलों के जरिए गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट ITC, GST रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक का फायदा लिया गया।
- *मनी लॉन्ड्रिंग*: दुबई से अवैध पैसे को 'राउंड-ट्रिपिंग' के जरिए वापस भारत लाकर उसे वैध एक्सपोर्ट का पैसा बताया गया।
ED ने अपनी रिपोर्ट में कुल 157 करोड़ रुपये तक की फर्जी मोबाइल बिक्री दिखाने का भी जिक्र किया है।
*ED की कार्रवाई*
1. *गिरफ्तारी*: 9 मई 2026 को ED ने चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास से संजीव अरोड़ा को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद गुरुग्राम कोर्ट ने उन्हें 7 दिन की ED रिमांड पर भेजा।
2. *छापेमारी*: दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में 5 ठिकानों पर छापे मारे गए। इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल और कंपनी के दस्तावेज जब्त किए गए।
3. *संपत्ति अटैच*: ED ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और अरोड़ा से जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों व अचल संपत्तियों को अस्थाई तौर पर जब्त कर लिया है।
*राजनीतिक बवाल*
संजीव अरोड़ा पंजाब में उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और बिजली विभाग संभाल चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद AAP और CM भगवंत मान ने केंद्र सरकार और BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के "राजनीतिक इस्तेमाल" का आरोप लगाया।
वहीं अरोड़ा के वकील ने इसे "राजनीतिक रूप से प्रेरित" कार्रवाई बताया और कहा कि FIR की कॉपी तक नहीं दी गई।
कंपनी की तरफ से सफाई में कहा गया है कि मई 2023 में 'मेक इन इंडिया' और PLI योजना के तहत मोबाइल एक्सपोर्ट शुरू किया गया था और सभी फोन के IMEI नंबर एक्टिव हैं, एक्सपोर्ट पूरी तरह वैध है। 6d0d0e8a
अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होनी है। ED अब फर्जी कंपनियों और पूरे मनी ट्रेल की जांच आगे बढ़ाएगी।
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