दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा के खिलाफ दुषणबाजी करने वालों को दमदमी टकसाल ने दी चेतावनी.

Nov24,2024 | Rahul Soni | Amritsar


संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा का नेतृत्व पंथ को दर्पेश बहुमुखी चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम है।



दमदमी टकसाल के प्रमुख सिंहों ने अकाली दल के सदस्यों द्वारा दमदमी टकसाल के पर्मुखय और संत समाज के अध्यक्ष संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा के खिलाफ किए जा रहे दूषणबाजी का कड़ा नोटिस लेते हुए कड़ी चेतावनी दी और उन्हेंतत्काल अपनी हरकतें बंद करने को कहा है।
  अकाली नेता और शिरोमणि कमेटी के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल, अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता और सुमेध सैनी की वकालत करने वाले परिवार से वकील अर्शदीप सिंह कलेर, प्रंबंस सिंह बंटी रूमाना और मनजीत सिंह भूरा कोना कि निशाने पर लेते हुए दमदमी टकसाल के मुख्य प्रवक्ता भाई सुखदेव सिंह आनंदपुर, अमेरिकी प्रवक्ता भाई जतिंदर सिंह और प्रवक्ता भाई गुरदीप सिंह नौलखा, भाई भरविंदर सिंह मंतिका, भाई सर्बजोत सिंह रिवरसाइड, चेयरमैन प्रमजीत सिंह गुरुद्वारा रिवरसाइड और भाई मेजर सिंह फरिजनो ने संयुक्त रूप से कहा कि पंथ में सम्मानित दमदमी टकसाल के मुखिया के खिलाफ किसी भी कीमत पर बकवास करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। टकसाल के नेताओं ने जोर देकर कहा कि अकाली दल के आकाओं की गहरी साजिश का हिस्सा बने उक्त तत्वों की दमदमी टकसाल के मुखिया के बरी में संकीर्ण मानसिकता, गलत शब्द और झूठे प्रचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी से भी अपील की है कि वे शिरोमणि कमेटी के मंच से पंथक शख्सियतों के खिलाफ की जा रही बेतुकी टिप्पणियों का कड़ा नोटिस लें। दमदमी टकसाल के प्रतिष्ठित सिंहों ने कहा कि संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा पंथ प्रस्तोता और दूरदर्शी हैं। उन्होंने हमेशा पंथिक हितों और चिंताओं को प्राथमिकता दी, जिसमें गुरबानी सिद्धांत का प्रचार, संत ज्ञानी जरनैल सिंह खालसा भिंडरावाला का शहीदी यादगार, शहीदी गैलरी और जन्मस्थान का निर्माण के अलावा कई कारसेवा और गुरु के लंगर प्रमुख कार्य शामिल हैं । देश-विदेश में सिख समुदाय के सामने जो चुनौतियाँ हैं, वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम के कारण सिख पंथ के दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता को आप जी पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के सिखों की अपनी मांगें और चिंताएं हैं. लेकिन महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में सिखों और नानक नाम लेवा संगत सहित पंजाबी हिंदू, लुबाना, सिकलीगर, सिंधी और वंजारा समाज आदि की अपनी-अपनी समस्याएं और जरूरतें हैं। जिसे स्थानीय राज्य सरकारें ही पूरा कर सकती हैं। संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सिख समाज महाराष्ट्र का नेतृत्व करते हुए भाजपा नीत महायुति को दिया गया समर्थन स्थानीय सिख समुदाय के हितों के बारे में सोच कर लिया गया सही निर्णय है। इसके कई सार्थक परिणाम सामने आये हैं. उन्होंने कहा कि दमदमी टकसाल के प्रमुख के प्रयासों से महाराष्ट्र सरकार ने सिख समुदाय के कल्याण और विकास के लिए कई नीतियां लागू की हैं। इनमें महाराष्ट्र सरकार में प्रतिनिधित्व को लेकर पहली बार 11 सदस्यीय सिख प्रतिनिधि समिति का गठन, महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग में एक सिख सदस्य की नियुक्ति, महाराष्ट्र राज्य पंजाबी साहित्य अकादमी का पुनरुद्धार आदि शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता देविंदर फड़णवीस से महाराष्ट्र की स्थानीय और केंद्र सरकार से जुड़े सिख मुद्दों को केंद्र से सुलझाकर सिख समुदाय को उनका वाजिब हक दिलाने का मुद्दा उठाया. जिसमें तख्त श्री सचखंड हजूर साहिब की प्रबंधक कमेटी के मुद्दे को संगत की भावनाओं के अनुरूप हल करने और विशुद्ध सिखों की एक प्रबंधन कमेटी बनाने,  तख्त श्री सचखंड हजूर साहिब और तख्त श्री पटना साहिब के दर्शन के लिए नवी मुंबई से वंदे-भारत ट्रेनें चलाने , अपने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जश्न मनाने के लिए नवी मुंबई में ऑडिटोरियम हॉल भवन, डिजिटल लाइब्रेरी और सेमिनार हॉल आदि के निर्माण, महाराष्ट्र विधानसभा (एमएलसी) में सिखों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना, लुबाना समाज, वंजारा समाज और सिकलीगर समाज के जरूरतमंद लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए आवश्यक नीतियां बनाना और प्रतिनिधि इसमें सिख समाज का एक आर्थिक समूह का गठन भी शामिल है।
  दमदमी टकसाल के नेताओं ने कहा कि स्थानीय सिखों को उपरोक्त जरूरतों के अलावा, संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने उन सभी बंदी सिंहों को बिना शर्त रिहा करने, जो केंद्र सरकार द्वारा लंबे समय से देश की विभिन्न जेलों में कैद है, विभिन्न राज्यों में गुरुधामों के मुद्दे जैसे गुरुद्वारा डांग मार साहिब सिक्किम, गुरुद्वारा चुंग गैग साहिब सिक्किम, गुरुद्वारा ज्ञान गोदरी साहिब हरिद्वार उत्तराखंड, गुरुद्वारा मंगू मठ साहिब ओडिशा, गुरुद्वारा बौली साहिब, निचले अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में मठ साहिब जगन्नाथ पुरी, गुरुद्वारा तप अस्थान गुरु नानक देव जी, 200 साल पुराने गुरुद्वारा साहिब को तोड़ने और पंजाबी लेन कॉलोनी में सिखों के घरों को तोड़ने के मामले उठाए। पंजाब में 1974 से 1995 तक घटनाओं के कारण सिखों को हुई जान-माल की हानि के लिए सभी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देना, पंजाब के किसानों को सभी फसलों पर एमएसपी देना। एनएसए जैसे काले कानूनों के तहत पूर्व में जेलों में बंद सभी सिख युवाओं को बिना शर्त रिहा करने और पंजाब के बाहर के राज्यों में रहने वाले सिखों के कल्याण और उनके उचित राज्य अल्पसंख्यक अधिकारों की पूर्ति के लिए श्री देविंदर फड़नवीस ने आयोगों और सिख कल्याण बोर्डों का गठन करके सरकारों में सिख समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के बारे में उठाए गए मुद्दों पर अच्छी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा का नेतृत्व और मार्गदर्शन पंथ के सामने आने वाली बहुमुखी चुनौतियों का उचित समाधान करने में सक्षम है।

Powered by Froala Editor

Damdami-Taksal-Head-Harnam-Singh-Khalasa-



TOP HEADLINES


पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत 245 करोड़ रुपये ज
आप सरकार ने गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के लि
हरियाणा में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 15 हजार 2
अमृतसर में कैंसर, प्रदूषण व भ्रष्ट सिस्टम पर सांसद गुर
हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में आरक्
वड़िंग ने केंद्रीय कृषि मंत्री को लिखा पत्र पंजाब की
*बंदूकों, ग्रेनेड और ड्रोन की बरामदगी के साथ, पंजाब पु
*जागृति लहर के संस्थापक स्व: श्रीमति रमा खन्ना की स्मृ
*श्री अकाल तख्त साहिब के फैसलों पर सवाल उठाना सुखबीर ब
*शहीदों की धरती संगरूर को दीमक कहना बाजवा की घटिया मान
मोहाली में अत्याधुनिक प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर कि
*हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश; नाबालिग समेत चार व
एक पिता के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत
यूपीएससी, एचपीएससी की प्रारंभिक परीक्षाओं में सफल अभ्य
सतलोक आश्रम संचालक रामपाल को देशद्रोह मामले में हाईकोर
पंजाब सरकार हर धर्म का सम्मान करती है, 12 अप्रैल को पठ
अमेरिका ने की ईरान के साथ युद्धबंदी की घोषणा, पढे़ ट्र
30 साल बाद जनता और पूर्व सैनिकों के संघर्ष के बाद भारत
जालंधर बाईपास के पास 10 एकड़ में बनेगा प्रदर्शनी केंद्
प्रताप सिंह बाजवा के दीमक वाले बयान पर अमन अरोड़ा का त

Run by: WebHead
National Punjab International Sports Entertainment Health Business Women Crime Life style Media Politics Religious Technology Education Nri Defence Court Literature Citizen reporter Agriculture Environment Railway Weather Sikh Animal Pollution Accident Election Mc election 2017-18 Local body Art Litrature Financial Tax Happy birthday Marriage anniversary Transfer Lok sabha election-2019 Uttar pradesh Kisan andolan Haryana

About Us


Jagrati Lahar Editor Image

Jagrati Lahar is an English, Hindi and Punjabi language news paper as well as web portal. Since its launch, Jagrati Lahar has created a niche for itself for true and fast reporting among its readers in India.

Gautam Jalandhari (Editor)

Subscribe Us


Vists Counter

HITS : 49737680

Hindi news rss fee image RSS FEED

Address


Jagrati Lahar
Jalandhar Bypass Chowk, G T Road (West), Ludhiana - 141008.
Mobile: +91 161 5010161 Mobile: +91 81462 00161
Land Line: +91 161 5010161
Email: gautamk05@gmail.com, @: jagratilahar@gmail.com
Share your info with Us