आज डेरा ब्राहम दास में आए पूर्व केंद्रीय रेल राज मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को
फिल्लौर के समस्त नगरवासियों एवं क्षेत्रवासियों की ओर से एक मांग पत्र दिया फिल्लौर रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव को बहाल करने तथा रेलवे सुविधाओं में विस्तार करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि फिल्लौर ऐतिहासिक, धार्मिक और शैक्षणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है। यहां स्थित महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी में देश-विदेश से अधिकारी एवं कर्मचारी प्रशिक्षण के लिए आते हैं। इसके अलावा यह महान कवि पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी की जन्मस्थली होने के साथ-साथ डेरा बाबा ब्रह्म दास और डेरा सचखंड बल्लां जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं का प्रमुख मार्ग भी है।
ज्ञापन में बताया गया कि कोरोना काल के बाद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का फिल्लौर रेलवे स्टेशन पर ठहराव बंद कर दिया गया, जिससे यात्रियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मांग पत्र में रेल मंत्री से ट्रेन संख्या 16787-16317 एवं 16031 का फिल्लौर में पुनः ठहराव शुरू करने, 12715-12716 सचखंड एक्सप्रेस को फिल्लौर स्टेशन पर रोकने तथा वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 13006, 12237-12238 और 14623-14624 ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई है। इसके अलावा दिल्ली रूट की 22429-22430, 12497-12498 तथा 22479-22480 (सरबत दा भला एक्सप्रेस) के ठहराव की भी मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में फिल्लौर शहर के बीच से गुजरने वाली रेलवे लाइन के कारण लोगों को होने वाली परेशानी का भी उल्लेख किया गया है। रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहने से यातायात प्रभावित होता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे अंडरपास अथवा ओवरब्रिज का निर्माण कराने की मांग भी की इस मोको रवनीत बिट्टू ने कहा की दिसंबर तक बहुत ट्रेन फिल्लौर में रुकना शुरू हो जाएगी.