Neet-ug 2026 परीक्षा संकट को लेकर आईएमए लुधियाना ने निकाला कैंडल मार्च, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की उठाई मांग
Jul26,2026
| Vishal | Ludhiana
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) लुधियाना शाखा ने शनिवार रात सराभा नगर में कैंडल मार्च निकालकर NEET-UG 2026 परीक्षा संकट से प्रभावित विद्यार्थियों और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। करीब 2,000 सदस्यों वाली पंजाब की सबसे बड़ी आईएमए शाखा ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी, सुरक्षित और लीक-प्रूफ व्यवस्था लागू करने की मांग की।
आईएमए ने कहा कि NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद उत्पन्न परिस्थितियों की नैतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी सरकार को स्वीकार करनी चाहिए। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को विरोध-पत्र भेजा गया है, जिसकी प्रतियां दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी भेजी गई हैं।
आईएमए लुधियाना के संरक्षक डॉ. मनोज के. सोबती ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों की मांगें स्वीकार करना सकारात्मक कदम है, लेकिन 20 जुलाई को विद्यार्थियों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई बेहद पीड़ादायक रही। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार परीक्षा रद्द होने और पुनर्परीक्षा के बीच कम से कम 13 विद्यार्थियों ने आत्महत्या की, जो परीक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लगभग 22 लाख अभ्यर्थी इस संकट से प्रभावित हुए हैं और सरकार को जवाबदेही तय करते हुए ठोस सुधार लागू करने चाहिए।
आईएमए लुधियाना के अध्यक्ष डॉ. पवन ढींगरा ने कहा कि आईएमए पूरी तरह गैर-राजनीतिक पेशेवर संस्था है और उसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बिना भय, बिना पेपर लीक और पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा देने का अधिकार मिलना चाहिए।
मानद सचिव डॉ. आशीष ओहरी ने कहा कि गृह मंत्री को भेजा गया ज्ञापन केवल पहला कदम है। यदि समयबद्ध और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती तो आईएमए लुधियाना शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कैंडल मार्च और मौन विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा।
आईएमए लुधियाना की प्रमुख मांगें
20 जुलाई 2026 की पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
वीडियो फुटेज में चिन्हित अधिकारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित किया जाए तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो।
घायल विद्यार्थियों को तत्काल चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
परीक्षा रद्द होने के बाद हुई विद्यार्थियों की मौतों की जिम्मेदारी स्वीकार कर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और मनोवैज्ञानिक सहयोग दिया जाए।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एवं परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक संरचनात्मक सुधार कर समयबद्ध सुधार योजना सार्वजनिक की जाए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई के लिए स्पष्ट SOP बनाई जाए तथा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा शारीरिक बल प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
आईएमए लुधियाना ने देशभर के विद्यार्थियों के प्रति अपनी एकजुटता दोहराते हुए भारतीय चिकित्सा समुदाय और आईएमए की सभी राज्य एवं स्थानीय शाखाओं से इस न्याय, जवाबदेही और परीक्षा सुधार अभियान में सहयोग देने की अपील की।
इस अवसर पर डॉ. मनोज के. सोबती, डॉ. पवन ढींगरा, डॉ. आशीष ओहरी, डॉ. प्रीतपाल सिंह, डॉ. करमवीर गोयल, डॉ. पी. एस. जस्सल, डॉ. अविनाश जिंदल, डॉ. बिमल कनिष, डॉ. अरुण गुप्ता, डॉ. अवतार सिंह खराय, डॉ. सोनिया खराय, डॉ. गुरप्रकाश, डॉ. शैरी गुप्ता सहित IMA लुधियाना के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
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