भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री तरुण चुग को संसद की दो अत्यंत महत्वपूर्ण समितियों—गृह मंत्रालय संबंधी विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति (Department-related Parliamentary Standing Committee on Home Affairs) तथा रक्षा मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति (Consultative Committee for the Ministry of Defence) का सदस्य मनोनीत किया गया है। इसे पंजाब और देश की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंजाब जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य से आने वाले श्री तरुण चुग पिछले कई दशकों से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा अन्य सीमा क्षेत्रों में संगठनात्मक और जनसंपर्क की जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। सीमा सुरक्षा, आतंकवाद, ड्रोन घुसपैठ, नशा तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उनका अनुभव इस नई जिम्मेदारी को विशेष महत्व प्रदान करता है।
गृह मंत्रालय संबंधी संसदीय स्थायी समिति देश की आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, पुलिस सुधार, आपदा प्रबंधन तथा केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर काम करती है, जबकि रक्षा मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण, रक्षा तैयारियों और सशस्त्र बलों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श का प्रमुख मंच है।
श्री तरुण चुग के इन दोनों समितियों में मनोनयन से यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि पंजाब के सीमावर्ती जिलों की आवाज़, सीमा पर रहने वाले नागरिकों की समस्याएं, सीमा सुरक्षा, ड्रोन घुसपैठ, आतंकवाद और नशा तस्करी जैसे गंभीर मुद्दे संसद और केंद्र सरकार के सर्वोच्च मंचों पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी ढंग से उठाए जाएंगे।
श्री तरुण चुग तीन पीढ़ियों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े परिवार से आते हैं तथा लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। वर्तमान में वे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में कई राज्यों के संगठनात्मक कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर लगातार प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने इस मनोनयन का स्वागत करते हुए इसे पंजाब, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए गर्व और विश्वास का क्षण बताया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री तरुण चुग अपने अनुभव, राष्ट्रवादी सोच और प्रभावी नेतृत्व के बल पर इन दोनों महत्वपूर्ण समितियों में देश की आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा को और सशक्त बनाने के साथ-साथ पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के हितों की आवाज़ को नई मजबूती प्रदान करेंगे।