· वडिंग विद वॉरियर्स · पंजाब के कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन, मान सरकार को टकराव से बचने की चेतावनी
Aug31,2026
| Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh
· कहा, न्याय मिलने तक कांग्रेस लड़ती रहेगी
· कर्मचारियों से टकराव के राजनीतिक परिणाम भुगतने की दी चेतावनी
· कहा, राहुल गांधी भारत और पंजाब की नई उम्मीद हैं
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को लंबित महंगाई भत्ते (DA) के बकाये के भुगतान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, उसके कार्यकर्ता और वॉरियर्स तब तक कर्मचारियों के साथ खड़े रहेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।
अपने लाइव संवाद कार्यक्रम “वडिंग विद वॉरियर्स” के चौथे सत्र को संबोधित करते हुए वडिंग ने कर्मचारियों के दृढ़ संकल्प को सलाम किया और कहा कि OPS की बहाली तथा DA के भुगतान की उनकी मांगें “पूरी तरह जायज” हैं। कर्मचारी सरकार से कोई विशेष रियायत नहीं, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं।
वडिंग ने कहा, “जो लड़ते हैं, वही जीतते हैं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस कर्मचारियों के साथ मिलकर तब तक संघर्ष करती रहेगी, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
OPS को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाते हुए वडिंग ने पूछा कि यदि सरकार की इसे लागू करने की मंशा ही नहीं थी, तो पेंशन योजना को लेकर अधिसूचना क्यों जारी की गई थी।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बार-बार अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए उन्हें “सीरियल झूठा” करार दिया और कहा कि वह अपने वादों से 24 घंटे के भीतर ही पीछे हट जाते हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि राज्य का कामकाज कर्मचारियों पर काफी हद तक निर्भर करता है और चेतावनी दी कि “कर्मचारियों के बिना पंजाब ठप हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि DA कोई सरकार की मेहरबानी नहीं, बल्कि कर्मचारियों का जायज हक है।
वडिंग ने कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान उनके साथ खड़े रहने के लिए कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “मुझे अपने उन योद्धाओं पर गर्व है जो कर्मचारियों के साथ खड़े हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने “कर्मचारी भाई-बहनों” के संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेगी।
दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए वडिंग ने कहा कि जब अन्याय और अत्याचार सभी सीमाएं पार कर जाएं और बातचीत से कोई समाधान न निकले, तो प्रतिरोध ही एकमात्र रास्ता रह जाता है।
उन्होंने कर्मचारियों को मान सरकार के “अन्याय और अत्याचार के आगे झुकने से इनकार” करने के लिए बधाई दी और मुख्यमंत्री पर कर्मचारियों को दंडात्मक कार्रवाई की धमकी देकर डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
वडिंग ने मान को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो कार्रवाई करके देखो और लिखित में करो - आपकी सरकार छह महीने पहले ही चली जाएगी।”
उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि यही कर्मचारी 2022 में आम आदमी पार्टी को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
वडिंग ने कहा “यही वे लोग हैं जिन्होंने आपको मुख्यमंत्री बनाया। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया। इसे मत भूलिए।" उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारियों के साथ अनावश्यक टकराव सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकता है।
वडिंग ने राज्य सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि सरकार कर्मचारियों की मांगें पूरी करने के लिए पैसे नहीं होने का दावा कैसे कर सकती है, जबकि करीब ₹1,000 करोड़ विज्ञापनों पर खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने पूछा, “अगर आपके पास पैसे नहीं थे, तो आपने लोगों से वादे क्यों किए?”
उन्होंने राज्य सरकार पर पंजाब के पैसे का इस्तेमाल राज्य से बाहर राजनीतिक गतिविधियों में करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब सरकार पंजाब के कर्मचारियों की वित्तीय जरूरतें पूरी करने में असमर्थता जताती है, तब वह गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में चुनावी अभियानों पर पैसा खर्च कर रही है।
वडिंग ने कर्मचारियों से जुड़े बकाये और लाभों के लिए करीब ₹14,000 करोड़ उपलब्ध न करा पाने को लेकर सरकार से सवाल किया और कहा कि यह राशि कोई रियायत नहीं, बल्कि कर्मचारियों का “हक” है।
वडिंग ने ₹25,000 करोड़ का कर्ज लेने के लिए सलाहकारों को कथित तौर पर ₹341 करोड़ का भुगतान किए जाने पर भी सरकार की आलोचना की।
इस व्यवस्था की तुलना कर्ज लेने वाले व्यक्ति द्वारा बिचौलिए को भुगतान करने से करते हुए उन्होंने कहा, “यह ऐसा है जैसे कोई डिफॉल्टर कर्ज लेने के लिए किसी बिचौलिए के जरिए पैसे दे रहा हो।”
उन्होंने AAP सरकार पर पंजाब को अभूतपूर्व कर्ज के बोझ तले दबाने का आरोप लगाया और कहा कि 2022 में AAP सरकार के सत्ता में आने के समय राज्य का बकाया कर्ज करीब ₹2.85 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर लगभग ₹4.48 लाख करोड़ हो गया है।
वडिंग ने सवाल किया, “मान किस तरह के मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें पंजाब की तस्वीर बदलने के लिए चुना गया था, लेकिन उन्होंने इसके बजाय पंजाब को पूरी तरह बर्बाद कर दिया?”
उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी वित्तीय व्यवस्था को लेकर पंजाब की जनता को जवाब देना चाहिए और आरोप लगाया कि राज्य को लगातार कर्ज में धकेला जा रहा है, जबकि बुनियादी वादे तक पूरे नहीं किए जा रहे।
वडिंग ने मान सरकार के तहत कथित तौर पर अधूरे रह गए कई वादों और परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने पंजाब में प्रस्तावित BMW मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का जिक्र करते हुए पूछा कि उसका क्या हुआ। उन्होंने मालवा नहर परियोजना की स्थिति पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि नए मेडिकल कॉलेजों, स्कूलों और कॉलेजों को लेकर किए गए वादों का क्या हुआ।
वडिंग ने कहा, “आपने पंजाब को बर्बाद कर दिया है और आपको हर चीज का हिसाब देना होगा।”
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और “वॉरियर्स” से एक ही राजनीतिक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की अपील की-मान सरकार को हटाना और पंजाब में एक स्थिर सरकार लाना।
1992 के पंजाब विधानसभा चुनावों के कठिन राजनीतिक दौर को याद करते हुए वडिंग ने कहा कि उस समय जब लोग चुनाव लड़ने से हिचकिचा रहे थे और कई लोग राजनीतिक प्रक्रिया से पीछे हट गए थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुश्किल हालातों का सामना किया और चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पंजाब में शांति और प्रगति बहाल करने के लिए बलिदान दिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इतिहास में कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया है और वर्तमान पीढ़ी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी उसी दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष करने का आह्वान किया।
वडिंग ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लगातार राजनीतिक संघर्ष के जरिए “मोदी सरकार को हिला दिया है।”
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी के उदाहरण से सीख लेने और राजनीतिक दबाव व विपरीत परिस्थितियों के बावजूद संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
वडिंग ने कहा, “तमाम मुश्किलों के बावजूद राहुल लड़ते रहे।” उन्होंने कहा कि देशभर में लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में राहुल गांधी की ओर तेजी से देख रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी को “भारत की नई उम्मीद” और “पंजाब की नई उम्मीद” बताया।
वडिंग ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट और केंद्रित रहने, कर्मचारियों तथा न्याय की मांग कर रहे अन्य वर्गों के साथ खड़े होने और पंजाब की AAP सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
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