25 अप्रैल को महिलाओं द्वारा सीएम भगवंत मान के निवास का घेराव
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के खिलाफ मतदान कर महिला आरक्षण विधेयक को रोकने में आम आदमी पार्टी (AAP) की भूमिका के विरोध में पंजाब की महिलाएं 25 अप्रैल को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निवास का घेराव करेंगी। यह घोषणा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब इकाई ने एक बयान में की।
यह विरोध प्रदर्शन चंडीगढ़ स्थित भाजपा पंजाब मुख्यालय से शुरू होकर “जन आक्रोश मार्च” के रूप में मुख्यमंत्री के निवास तक जाएगा।
इस मार्च का नेतृत्व भाजपा पंजाब की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर करेंगी। इसमें प्रमुख महिला नेताओं में भाजपा पंजाब महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जय इंदर कौर, भाजपा पंजाब की उपाध्यक्ष मोहिंदर कौर जोश और मोना जायसवाल, तथा प्रदेश सचिव मीनू सेठी, वंदना सांगवान और रेनू थप्पर शामिल होंगी।
शर्मा ने कहा कि आप नेता बार-बार महिला सशक्तिकरण का दावा करते रहे हैं, लेकिन 33% आरक्षण सुनिश्चित करने वाले संवैधानिक संशोधन का विरोध उनकी राजनीतिक दोहरी नीति को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास भी अपने लंबे शासनकाल के दौरान ऐसा विधेयक पारित करने का अवसर था, लेकिन वह इसमें विफल रही और अब संसद के भीतर और बाहर विरोधाभासी बयान देकर जनता को गुमराह कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह व्यवहार साफ तौर पर राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है, जहां आप और कांग्रेस दोनों वोट बैंक की राजनीति में लिप्त हैं और ऐसे संरचनात्मक सुधारों को लागू करने से बच रही हैं जो उनकी आंतरिक शक्ति संतुलन को चुनौती दे सकते हैं।
शर्मा ने आगे कहा कि विपक्ष का यह रुख उनके ऐतिहासिक असफलता और महिला सशक्तिकरण के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता की कमी को दर्शाता है। जहां वे सार्वजनिक रूप से महिलाओं के अधिकारों की वकालत करते हैं, वहीं उनके कदम भाजपा की महिला हितैषी नीतियों की बढ़ती लोकप्रियता के सामने असुरक्षा और राजनीतिक जमीन खिसकने के डर को उजागर करते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब और देश की जनता राजनीतिक रूप से जागरूक है और ऐसे पाखंड से गुमराह नहीं होगी। महिलाओं के सशक्तिकरण का विरोध करने वाली किसी भी पार्टी को जनता जवाबदेह ठहराएगी।
भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराते हुए शर्मा ने कहा कि पार्टी महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में उनकी समान हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संकीर्ण राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर संविधान की भावना के अनुरूप प्रगतिशील सुधारों का समर्थन करने का आह्वान किया।