दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को नहीं होने दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके कुछ अन्य नेताओं को विमान में ही हिरासत में ले लिया गया।
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी की मांग थी कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाना था। सीजेपी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक पुलिस बंदोबस्त किया और नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की आवाजाही पर निगरानी रखी। हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई के कारणों और हिरासत में लिए गए नेताओं की स्थिति पर विस्तृत आधिकारिक बयान तत्काल सामने नहीं आया।
### केजरीवाल, ममता बनर्जी समेत विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई की खबरें
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली में पार्टी के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को भी हिरासत में लिया गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन समेत अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया।
प्रदर्शन से पहले जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अवरोधक लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कनॉट प्लेस सहित राजधानी के विभिन्न स्थानों पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों और वकीलों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की। कुछ इलाकों में भूमिगत रेल सेवा के प्रवेश द्वार बंद रखने और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक की खबरें भी आईं।
पुलिस की तैनाती के चलते कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित स्थल तक पहुंचने से रोका गया, जबकि प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर झड़प और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली। हालांकि, इन घटनाओं तथा हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। मामले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।