गमाडा में ईडी की कार्रवाई पर बड़ा अपडेट: ईडी ने 26 ठिकानों पर सर्च-सर्वे की बात कही, ₹238 करोड़ बैंक फ्रॉड से जुड़ी जांच
Sep24,2026
| Jagrati Lahar Bureau | Chandigarh
गमाडा में ईडी की कार्रवाई पर बड़ा अपडेट: ईडी ने 26 ठिकानों पर सर्च-सर्वे की बात कही, ₹238 करोड़ बैंक फ्रॉड से जुड़ी जांच
चंडीगढ़, 24 सितंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना समेत 26 ठिकानों पर पीएमएलए के तहत सर्च और सर्वे की कार्रवाई की। ईडी के अनुसार मामला करीब ₹238 करोड़ के बैंक फ्रॉड से जुड़ी सीबीआई एफआईआर के आधार पर शुरू हुआ था।
ईडी की ओर से जारी ब्रीफ नोट के मुताबिक, ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) और पंजाब के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी पीएमएलए की धारा 16 के तहत सर्वे किया गया। बाद में इसे तलाशी में बदला गया और कथित रूप से आपत्तिजनक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य सामग्री जब्त की गई।
ईडी का दावा है कि प्री-सर्च जांच में नकद लेन-देन, कथित फर्जी शेयर प्रीमियम और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले। एजेंसी ने आरोप लगाया कि तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स से जुड़े प्रमोटर कई मामलों में शामिल रहे हैं और गमाडा से संबंधित एक मामले में वैधानिक देनदारियों में कथित ₹57 करोड़ की छूट दिए जाने की जानकारी भी सामने आई।
ईडी के अनुसार, तलाशी के दायरे में पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और गमाडा से जुड़े कई पूर्व एवं वर्तमान अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कुछ अधिकारियों के मोबाइल फोन में कथित हवाला भुगतान से संबंधित चैट मिली हैं। इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच/कानूनी प्रक्रिया में होनी है।
सिसोदिया-जैन को लेकर भी ईडी के दावे
ईडी ने अपने नोट में दावा किया कि सतेंद्र जैन और मनीष सिसोदिया ने गमाडा अधिकारियों के साथ मास्टर प्लान, साइट नीलामी और अन्य मामलों को लेकर अनौपचारिक बैठकें की थीं। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ महत्वपूर्ण फैसलों को कथित तौर पर अनौपचारिक निर्देशों के आधार पर प्रभावित किया गया। ये ईडी के जांच संबंधी दावे हैं; संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अलग से महत्वपूर्ण होगी।
गमाडा के लैंड बैंक को लेकर ₹10,000 करोड़ के नुकसान का दावा
ईडी ने दावा किया कि गमाडा के बिना बिके लैंड बैंक के रिजर्व प्राइस कथित तौर पर नीचे किए गए, जिससे पंजाब सरकार और गमाडा को लगभग ₹10,000 करोड़ का संभावित नुकसान होने की बात कही गई है। एजेंसी ने इसे बिल्डरों और राजनीतिक लोगों को कथित लाभ पहुंचाने से जोड़ा है।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
कार्रवाई के दौरान पंजाब सरकार ने 23 सितंबर की देर रात पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में CRWP-11813-2026 दायर की थी। याचिका में गमाडा और राज्य के अधिकारियों को कथित रूप से अवैध तरीके से रोके जाने की बात कही गई थी।
हाईकोर्ट ने 24 सितंबर को रजिस्ट्रार (एडमिन-II) राजन नंदा को वारंट ऑफिसर नियुक्त कर मौके की स्थिति और ईडी की कार्रवाई की जांच करने को कहा। वारंट ऑफिसर ने करीब 2:50 बजे रात गमाडा परिसर का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों से बातचीत के साथ मूल सर्च अथॉराइजेशन, पंचनामा और अन्य रिकॉर्ड देखे।
ईडी के अनुसार अधिकारियों को परिवार से संपर्क करने, भोजन प्राप्त करने और आवश्यक सुविधाएं लेने की अनुमति थी तथा इलेक्ट्रॉनिक सामग्री डाउनलोड/कॉपी/क्लोन करने की प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी मौजूदगी जरूरी थी। बाद में पंजाब सरकार ने याचिका वापस लेने की मांग की और हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया, जबकि संबंधित कानूनी मुद्दों को उचित मंच पर उठाने की स्वतंत्रता बरकरार रखी।
-edraid-gmada-enforcementdirectorate-punjabnews-mohalinews