अंत्योदय को बताया समाज उत्थान का सशक्त माध्यम*
चंडीगढ़, 25 जुलाई। पानीपत जिले के चुलकाना और बराना गांव में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान मनोहर लाल ने कहा कि अंत्योदय का वास्तविक अर्थ समाज के अंतिम व्यक्ति का भी उदय और उत्थान सुनिश्चित करना है। जब तक सबसे पिछड़े और जरूरतमंद व्यक्ति तक विकास का लाभ नहीं पहुंचता, तब तक विकास की अवधारणा अधूरी रहती है।
उन्होंने कहा कि अंत्योदय की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न गांवों में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि बेटियां और महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।उन्होंने बताया कि शुरुआत में 75 गांवों में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिनमें चुलकाना और बराना भी शामिल है। इस केंद्र में अब तक 70 छात्राओं का प्रवेश हो चुका है। प्रशिक्षण दो शिफ्टों में संचालित होगा, प्रत्येक शिफ्ट चार घंटे की होगी, जिसमें 35-35 प्रशिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। पूरे प्रशिक्षण की अवधि 70 दिन निर्धारित की गई है।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि तीन गांवों में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र पहले ही शुरू किए जा चुके हैं, जबकि तीन नए केंद्रों का आज उद्घाटन किया जाना है तथा आठ अन्य केंद्र प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।उन्होंने कहा कि वे इस अभियान को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान के अवसर पहुंच सकें।
इस मौके पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा चलाई गई इस मुहिम की खुले मन से प्रशंसा की और कहा कि इससे महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति रुचि पैदा होगी और उन्हें स्वावलंबी बनने के अवसर प्राप्त होंगे। महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा होगा और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय भाटिया, समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।