शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC ) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं से एंट्री फीस लेने के भारत सरकार के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गुरुद्वारों के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को इस फैसले से छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के दर्शन करना हर सिख की आस्था है। सरकार के ऐसे फैसले से गुरुद्वारों के दर्शन करने जाने वाले सिख श्रद्धालुओं पर भी असर पड़ेगा।
एडवोकेट धामी ने कहा कि मिली जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार ने पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं से जाने पर 200 रुपये और आने पर 200 रुपये एंट्री फीस लेने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि देश के बंटवारे के समय अलग हुए गुरुद्वारों के दर्शन करने की इच्छा हर सिख के मन में हमेशा रहती है, जिसके लिए संगत प्रार्थना करती है। संगत की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, शिरोमणि कमेटी गुरुपर्व और ऐतिहासिक दिनों के मौके पर सिख श्रद्धालुओं के ग्रुप को पाकिस्तान के गुरुद्वारों में दर्शन के लिए भेजती है। गुरुद्वारों में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं से एंट्री फीस लेना सही नहीं है। एडवोकेट धामी ने कहा कि शिरोमणि कमेटी पाकिस्तान में गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं से पाकिस्तान सरकार द्वारा ली जाने वाली 20 डालर फीस को खत्म करने की मांग कर रही है। अब भारत सरकार द्वारा लिए गए नए फैसले से सिख श्रद्धालुओं पर असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसा कोई फैसला लागू न किया जाए, जिससे सिख श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचे। उन्होंने सरकार से नए फैसले को तुरंत वापस लेने की भी अपील की।