प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और बेटे हरिंदरपाल सिंह की अकाली दल (बादल) में घर वापसी
Nov6,2026
| Jagrati Lahar Bureau | Patiala
**सुखबीर सिंह बादल ने किया गर्मजोशी से स्वागत, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम**
**पटियाला, 6 नवंबर।** पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और उनके बेटे एवं पूर्व विधायक हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा ने शिरोमणि अकाली दल (बादल) में घर वापसी कर ली। पटियाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी प्रधान सरदार सुखबीर सिंह बादल ने दोनों नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उनके समर्थक और पार्टी के कई नेता भी मौजूद रहे।
### पुराने राजनीतिक घर में लौटे चंदूमाजरा
प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल से जुड़े रहे हैं। वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे और लोकसभा सांसद के रूप में भी पंजाब का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2024 में पार्टी नेतृत्व को लेकर उठे मतभेदों के बाद उन्होंने सुखबीर सिंह बादल से दूरी बना ली थी। इसके बाद वह अकाली सुधार लहर से जुड़े और शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) में सक्रिय रहे।
हाल ही में उन्होंने उस पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया। उनके बेटे हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा ने भी अपने पिता के साथ पार्टी छोड़ दी थी। अब दोनों ने सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले अकाली दल में वापसी कर ली है।
### पंथक एकता को बताया वापसी का आधार
प्रो. चंदूमाजरा ने अपने राजनीतिक फैसले के पीछे पंथक एकता और पंजाब के हितों को प्रमुख कारण बताया। उनका मानना है कि अकाली राजनीति से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने की जरूरत है। उन्होंने पंजाब और पंथ के मुद्दों पर मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
### सनौर विधानसभा क्षेत्र में हरिंदरपाल की भूमिका
हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा सनौर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं। उनकी वापसी को पटियाला जिले में अकाली दल के संगठनात्मक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुखबीर सिंह बादल ने भी सनौर क्षेत्र को लेकर उनके साथ पार्टी की राजनीतिक योजनाओं के संकेत दिए हैं। प्रो. चंदूमाजरा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह स्वयं 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, जबकि उनके बेटे हरिंदरपाल सिंह सनौर से चुनाव लड़ेंगे।
### 2027 के चुनाव से पहले अकाली राजनीति में हलचल
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चंदूमाजरा परिवार की वापसी को अकाली दल के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है। प्रो. चंदूमाजरा का राजनीतिक अनुभव और हरिंदरपाल सिंह की सनौर क्षेत्र में सक्रियता पार्टी के लिए अहम हो सकती है।
इस वापसी से पटियाला जिले में अकाली दल की गतिविधियों को नया आधार मिलने की उम्मीद है। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर रहेंगी कि चंदूमाजरा परिवार की वापसी के बाद पार्टी का संगठन और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण किस तरह आगे बढ़ते हैं।
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